कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए दुनियाभर के देश तेजी से वैक्सीनेशन अभियान चला रहे हैं। महामारी के शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद कई कंपनियों के टीके उपलब्ध हो गए हैं। इसी कड़ी में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंगलवार को चीन की सिनोवैक बायोटेक द्वारा बनाई गई वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की लिस्ट में शामिल करने के लिए मंजूरी दे दी। यह चीन का दूसरा टीका है, जिसे WHO की यह मंजूरी मिली है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने डब्ल्यूएचओ को कोट करते हुए कहा, ”विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इमरजेंसी इस्तेमाल की लिस्ट के लिए सिनोवैक बायोटेक द्वारा बनाए गए कोविड-19 टीके को मंजूरी दे दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह 18 साल से ऊपर उम्र के लोगों को दी जाएगी। वहीं, पहली डोज लगने के बाद दूसरी डोज 2-4 हफ्तों के बाद दी जा सकती है।”
पिछले महीने चीन की सिनोफार्म कंपनी द्वारा बनाई गई एंटी कोरोना वैक्सीन को डब्ल्यूएचओ ने मंजूरी दी थी। वह पश्चिमी देशों के बाहर किसी देश के टीके को मिलने वाली पहली मंजूरी थी। वहीं, अभी तक फाइजर, एस्ट्राजेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन, मॉडर्ना जैसी वैक्सीन्स को मंजूरी दी जा चुकी है।
World Health Organization approves COVID19 vaccine made by Sinovac Biotech for emergency use listing, 2nd Chinese-produced shot to get its endorsement. Experts said it recommended this vaccine for adults over 18, with a second dose 2-4 weeks later: Reuters quoting WHO statement pic.twitter.com/XYKAByulok
— ANI (@ANI) June 1, 2021
वहीं, पिछले दिनों हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड ने सरकार को बताया था कि वह कोवैक्सीन टीके को आपात इस्तेमाल के लिए सूचीबद्ध कराने को लेकर 90 प्रतिशत दस्तावेज पहले ही डब्ल्यूएचओ के पास जमा करा चुकी है। शेष दस्तावेज जून तक जमा कराए जाने की उम्मीद है। इसके बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि भारत बायोटेक को अपने कोवैक्सीन टीके को आपात इस्तेमाल के लिए सूचीबद्ध कराने को लेकर और अधिक जानकारी देनी होगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर जारी एक दस्तावेज में कहा गया है कि भारत बायोटेक ने 19 अप्रैल को EOI यानी एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट पेश की थी। इस संबंध में और अधिक जानकारी की जरूरत है।







