क्रिप्टोकरेंसी पर चीन सरकार की सख्ती बढ़ गई है। दरअसल, चीन के पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने क्रिप्टोकरेंसी से लेनदेन को अवैध करार दिया है। इस खबर के बाद मुख्य क्रिप्टोकरेंसी-बिटक्वाइन, ईथर, डॉगकोइन के भाव में बड़ी गिरावट आई है।
क्या कहा बैंक ने: चीन के सेंट्रल बैंक ने बताया है कि वित्तीय संस्थानों, भुगतान कंपनियों और इंटरनेट फर्मों को क्रिप्टोकरेंसी से लेनदेन पर रोक लगा दिया जाएगा। इसके साथ ही इस तरह की गतिविधियों से होने वाले जोखिम की निगरानी बढ़ाने की योजना है। चीन के सेंट्रल बैंक की ओर से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर ये पहला सख्त फैसला है। इससे पहले, चीन की स्टेट काउंसिल या कैबिनेट ने मई के महीने में वित्तीय जोखिमों को दूर करने के प्रयासों के तहत क्रिप्टो माइनिंग और ट्रेडिंग पर नकेल कसने को लेकर प्रतिबद्धता जताई थी।
क्रिप्टोकरेंसी धड़ाम: इसके बाद बिटक्वाइन की कीमत में 4.6 फीसदी तक की गिरावट आई है। इसकी वैल्यू भारतीय रुपये के हिसाब से करीब 31 लाख है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ईथर की कीमत में भी करीब 8 फीसदी की गिरावट आई है। आपको बता दें कि भारत में भी निवेशकों की दिलचस्पी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बढ़ रही है। हालांकि, केंद्रीय रिजर्व बैंक इस करेंसी को लेकर आशंकित है।
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बीते दिनों आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि हम क्रिप्टोकरेंसी को लेकर चिंतित है। हमने भारत सरकार को इस चिंता से अवगत भी करा दिया है। अब इस पर सरकार को फैसला करना है।
क्या है क्रिप्टोकरेंसी: ये डिजिटल मुद्रा है, इसे आप न तो छू सकते हैं और न ही देख सकते हैं। मुख्यतौर पर इसे ब्लॉकचेन सॉफ़्टवेयर के जरिए इस्तेमाल किया जाता है। इस करेंसी पर किसी भी देश के केंद्रीय बैंक का नियंत्रण नहीं होता है।







