चीन एक तरफ जहां लगातार लद्दाख से लेकर दक्षिण चीन सागर तक उकसावेपूर्ण कार्रवाई कर पड़ोसियों को परेशान कर रहा तो वहीं तरफ उसको सबक सिखाने के लिए लामबंदी भी हो रही है। भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के बीच विदेश और रक्षा मंत्रियों की दो वर्चुअल बैठक होने जा रही है, ताकि क्षेत्रीय सहयोग और हिंद प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाई जा सके। पूरे मामले के वाकिफ सूत्र ने बताया कि सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स को इस बात की जानकारी दी।
यह बैठक ऐसे वक्त पर होने जा रही है जब पूरे क्षेत्र में चीन का आक्रामक रवैया बढ़ता जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि इन बैठकों के लिए पिछले कुछ समय से काम चल रहा है। इस महीने के आखिर में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया के उनके समकक्षीय मरिज पायने और इंडोनेशिया के रेटनो मर्सुदी के बीच बैठक होने की उम्मीद है। उसके बाद तीनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच यह वर्चुअल मीटिंग होगी।
सूत्र ने बताया, “तीनों देशों के बीच तेजी से बढ़ता हुआ त्रिपक्षीय संबंध है, जिसमें अगले कुछ महोनों में रक्षा और विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तीनों देशों का साझा हित है।”
विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस) जैसे क्षेत्रीय संस्थानों को मजबूत करने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसमें आसियान देशों और उनके संवाद भागीदार और 22 सदस्यीय हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) शामिल हैं। रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: चीन की नजर अपने परमाणु हथियारों की संख्या दोगुनी करने पर: पेंटागन
इस पर काम कर रहे अधिकारियों ने तीनों देशों के एक साथ आने को “मिनिलैट्रल” करार दिया है। सूत्र ने इस बैठक के बारे में बताया कि एक तरफ जहां दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भारत और एशिया का पुराना लोकतंत्र ऑस्ट्रेलिया है तो वहीं सबसे बड़ा मुस्लिम देशों वाला लोकतंत्र इंडोनेशिया है, हम ये मानते हैं कि यह क्षेत्र के महत्वपूर्ण मिनिलैट्रल्स में से यह एक होगा।
हालांकि, बैठक की आखिरी तारिख पर फैसला होना अभी बाकी है लेकिन इंडोनेशिया की वित्त मंत्री मर्सुदी ने पिछले हफ्ते ट्वीट कर रहा कि उन्होंने आगमी त्रिपक्षीय बैठक को लेकर ऑस्ट्रेलिया के अपने समकक्षीय पायने के साथ 26 अगस्त को फोन पर बात की है।
ये भी पढ़ें: भारत-चीन में तनाव पर अमेरिका बोला- शांतिपूर्ण समाधान की कर रहे उम्मीद







