कोरोना के खिलाफ जारी जंग और चीन से सीमा पर तनाव के बीच पीएम नरेंद्र मोदी आज मंगलवार शाम 4 बजे देश को संबोधित करने जा रहे हैं। पीएमओ की ओर से यह जानकारी ऐसे समय पर दी गई है, जबकि कुछ ही देर पहले सरकार ने 59 चाइनीज एप्स को बैन कर दिया है और इस बीच अनलॉक 2 को लेकर दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।
अभी यह नहीं बताया गया है कि पीएम मोदी किस मुद्दे पर देश को संबोधित करेंगे, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि वह भारत चीन संबंधों को लेकर कोई बात देश के सामने रख सकते हैं। हालांकि, इससे पहले भी कई बार पीएम मोदी ने जब देश को संबोधित किया है तो सभी अटकलों से अलग कुछ बात कही है।
इस बीच यह भी कहा जा रहा है कि पीएम कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। यह माना जा रहा है कि भारत के पहले कोविड-19 टीके को क्लीनिकल ट्रायल को मिली मंजूरी पर भी पीएम बात कर सकते हैं। भारत बायोटेक को ह्यूमन ट्रायल की मंजूरी दे दी गई है।
Prime Minister @narendramodi will address the nation at 4 PM tomorrow.
— PMO India (@PMOIndia) June 29, 2020
गौरतलब है कि देश इस समय देश कोरना से जंग लड़ रहा है। एक तरफ देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5 लाख से अधिक हो चुकी है। एक दिन में अब करीब 20 हजार केस सामने आने लगे हैं। अब एक दिन में करीब 20 हजार केस सामने आने लगे हैं। माना जा रहा है कि पीएम देश को बता सकते हैं कि कोरोना के खिलाफ आगे की जंग की रणनीति क्या है।
कोरोना के अलावा देश सीमा पर चीनी आक्रामकता का भी सामना कर रहा है। 15 जून को गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हिंसक झड़प में 20 सैनिक शहीद हो गए थे। चीन के भी कई सैनिक हताहत हुए थे। इसको लेकर देश में भारी आक्रोश है। विपक्ष भी लगातार सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
चइनीज एप पर बैन
सरकार ने सोमवार रात चीन के 59 मोबाइल एप्स को बैन कर दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता को वजह बताते हुए सरकार ने देश में बेहद लोकप्रिय हो चुके टिकटॉक जैसे एप को बैन करने का बड़ा फैसला उठाया है। सरकार ने चीन से संचालित टिकटॉक, हेलो, यूसी न्यूज, यूसी ब्राउज़र, क्लब फैक्ट्री सहित 59 एप को प्रतिबंधित कर दिया है।सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत यह प्रतिबंध लगाया है जो देश की संप्रभुता और अखंडता, देश की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जोखिम वाला है। यह भी माना जा रहा है कि सरकार इन एप्स से जुड़े करोड़ों युवाओं से संवाद कर सकते हैं।







