पूर्वी लद्दाख में चीन से तनाव के बीच केंद्र सरकार ने श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित दो मेगा सुरंग परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ा दी है। इसके तहत एक साल से बंद पड़ी जेड मोड सुरंग परियोजना पर एक पखवाड़ा पहले काम शुरू हो गया है। इतना ही नहीं इसे रिकार्ड 11 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी कड़ी में एशिया की सबसे बड़ी द्विदिशी (आने-जाने) जोजिला सुरंग का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

सामरिक दृष्टि से दोनों सुरंग बहुत महत्वपूर्ण हैं।राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमेटड (एनएचएआईडीसीएल) के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 20 फीसदी काम पूरा करने के बाद निर्माण कंपनी के दिवालिया होने के कारण जेड मोड सुरंग परियोजना का काम जून 2019 में बंद हो गया था। परियोजना के टेंडर जारी करने व लेटर आफ अवार्ड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई कंपनी को ठेका दे दिया गया है और 16 जुलाई को काम शुरू हो गया है।

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अधिकारी ने बताया कि लगभग 80 फीसदी काम को रिकार्ड आगामी जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि सोनमर्ग व गगनगिर के बीच 6.5 किलोमीटर सुरंग की लागत 2379 करोड़ रुपये है। सुरंग के साथ छह किलोमीटर एक सडक, दो बडे़ पुल, एक छोटा पुल शामिल है।

श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग की दूसरी मेगा सुरंग परियोजना जोजिला पर भी तेजी से काम शुरू हो गया है। 14.15 किलोमीटर जोजिला सुरंग की लागत 4430 करोड़ है। द्विदिशी जोजिला एशिया की सबसे बड़ी सुरंग है। इसका काम जून 2026 तक पूरा हो सकेगा। इस परियोजना से जुड़ी पहले वाली निर्माण कंपनी के दिवालिया होने के कारण टेंडर दोबारा जारी करने पड़े।

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दोनों मेगा सुरंगों के बनने से श्रीनगर से लेह की सड़क कनेक्टिविटी सालभर बनी रहेगी। बर्फबारी के दौरान छह माह तक लेह श्रीनगर व देश के बाकी हिस्से से पूरी तरह से कट जाता है।





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