लद्दाख की गलवान घाटी (Galwan Valley in eastern Ladakh) में चीनी सैनिकों (Chinese armies) के साथ हिंसक झड़प के बाद सरकार ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर तैनात भारतीय सैनिकों को हथियारों के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है।
Edited By Sujeet Upadhyay | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated:
- गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के बाद भारत सरकार ने किया बड़ा फैसला
- वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय सैनिकों को दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी आजादी
- नए नियमों के तहत विशेष परिस्थितियों में जवान हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं
नई दिल्ली
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के बाद भारत सरकार ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर तैनात भारतीय सैनिकों को ‘पूरी आजादी’ दे दी है। सरकार ने एलएसी (LAC) पर नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत सेना के फील्ड कमांडरों को यह अधिकार दिया गया है कि वह विशेष परिस्थितियों में जवानों को हथियारों के इस्तेमाल की इजाजत दे सकते हैं।
सरकार के नए नियमों के अनुसार, एलएसी पर तैनात कमांडर सैनिकों को सामरिक स्तर पर स्थितियों को संभालने और दुश्मनों के दुस्साहस का ‘मुंहतोड़’ जवाब देने की पूरी छूट होगी। बता दें कि देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि दोनों पक्षों की सेनाएं 1996 और 2005 में एक द्विपक्षीय समझौतों के प्रावधानों के अनुसार टकराव के दौरान हथियारों का इस्तेमाल नहीं करती हैं। उन्होंने जवाब में कहा था, 15 जून को गलवान में हुई झड़प के दौरान भारतीय जवानों ने इसलिए हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया था।
सेना के तीनों अंगों को हथियार और गोला बारूद खरीदने के लिए दी शक्तियां
चीन के साथ सीमा पर तनाव बढ़ने के मद्देनजर सरकार ने हथियार और गोला बारूद खरीदने के लिये सेना के तीनों अंगों को 500 करोड़ रुपये तक की प्रति खरीद परियोजना की आपात वित्तीय शक्तियां दी हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि सेना के तीनों अंगों में थल सेना, वायुसेना और नौसेना आते हैं। सूत्रों ने बताया कि विशेष वित्तीय शक्तियां बलों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपने अभियान तैयारियों को बढ़ाने के लिए बहुत कम समय में हथियार एवं सैन्य साजो सामान की खरीद के लिए दी गई है।
दोनों देशों के बीच तनाव चरम
बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को चीन के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद भारत ने चीन से लगती सीमा पर अग्रिम इलाकों में लड़ाकू विमानों और हजारों की संख्या में अतिरिक्त सैनिकों को पहले ही तैनात कर दिया है। गलवान घाटी में हिंसा 45 वर्षों में सीमा पर संघर्ष की यह सबसे बड़ी घटना है और इससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।







