Jagannath rath yatra: 23 जून से शुरू होने वाली जगन्नाथ पुरी रथयात्रा के मद्देनजर पूरे पुरी जिले को बुधवार तक के लिए पूरी तरह से सील कर दिया गया है। यात्रा 23 जून से शुरू होगी और 1 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की घर वापसी के साथ संपन्न होगी।
Edited By Nilesh Mishra | एएनआई | Updated:
- सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद 23 जून से ही शुरू होगी पुरी की जगन्नाथ यात्रा
- जगन्नाथ यात्रा में भीड़ सीमित करने के लिए पुरी जिले को पूरी तरह से बंद किया गया
- बुधवार दोपहर 2 बजे तक भी दुकानें और प्रतिष्ठान भी बंद किए जाएंगे
पुरी
सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा की अनुमति दे दी है। इस फैसले से पुरी समेत पूरे देश के श्रद्धालु खुश हैं। हालांकि, इस बार यात्रा का स्वरूप काफी हद तक बदला हुआ रहेगा। रथयात्रा के दौरान पुरी में भीड़ ना हो इसलिए आज रात 9 बजे से ही पूरे पुरी जिले को पूरी तरह से बंद किया जा रहा है। बुधवार 2 बजे तक जिले के बाहर से कोई भी शख्स पुरी में प्रवेश नहीं कर सकेगा। इस दौरान पुरी की सभी दुकानें और सभी प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे। इसका मकसद यह है कि रथयात्रा के दौरान भीड़ कम हो और कोरोना संक्रमण को रोका जा सके।
इस साल कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्री जगन्नाथ मंदिर समिति ने पहले ही केंद्र सरकार से इस संदर्भ में चर्चा की थी। इसमें यह फैसला लिया गया था कि आम भक्तों को यात्रा में शामिल नहीं किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने इसी को ध्यान में रखते हुए अब जिले को पूरी तरह से बंद कर दिया है। यात्रा में शामिल होने वाले सीमित लोगों को भी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना होगा। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखनी होगी। रथ तैयार करने वाले गरबाड़ू पहले से ही मास्क लगाकर काम कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने जगन्नाथ पुरी रथयात्रा की दी अनुमति, शर्तें लागू
कोरोना गाइडलाइन का पालन जरूरी
कोरोना संक्रमण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस साल की रथयात्रा पर रोक लगा दी थी। हालांकि, पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए अब सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त रथ यात्रा की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रथयात्रा के दौरान कोरोना गाइडलाइन्स का पूरी तरह से पालन किया जाए।
जगन्नाथ रथ यात्रा में होता क्या है?
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान ओडिशा सरकार के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि यात्रा पूरे राज्य में नहीं होगी। वहां कर्फ्यू लगा दिया जाए और सिर्फ सेवादार और पुजारी रथयात्रा में शामिल हों, जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि हम सिर्फ पुरी के मामले की बात कर रहे हैं। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि लोगों के हेल्थ के साथ समझौता किए बगैर टैंपल ट्रस्ट के साथ मिलकर कोऑर्डिनेट किया जाएगा और रथयात्रा हो सकती है। रथयात्रा की इजाजत दी जाए। चीफ ने कहा कि हम बताना चाहते हैं कि हम सिर्फ पूरी मामले की सुनवाई कर रहे हैं।







