जम्मू कश्मीर में बीजेपी से जुड़े तीन नेताओं की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना से उबरे भी नहीं है कि एक और घटना सामने आई है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, बडगाम के चडूरा में अर्धसैनिक बलों के कैम्प पर हेंड ग्रेनेड से हमला किया गया।
नामथियाल की इस 43वीं सीआरपीएफ कैम्प पर अज्ञात बाइक सवारों ने चीनी ग्रेनेड फेंका। लेकिन, गनीमत ये रही कि यह ग्रेनेट गेट के नजदीक फटा लेकिन इसमे किसी तरह के नुकसान या मौत की खबर नहीं है।
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Unidentified bike-borne terrorists lobbed a Chinese grenade on the camp of 43 battalion of CRPF at Namthiyal, Chadoora, Budgam. Grenade exploded near the gate; no loss/injury reported: Central Reserve Police Force
— ANI (@ANI) October 30, 2020
इससे पहले, कुलगाम के आईजी विजय कुमार ने शुक्रवार को बताया कि तीनों बीजेपी नेताओं की हत्या में आतंकी संगठन लश्क-ए-तैयबा और कुछ स्थानीय आतंकियों की संलिप्तता सामने आई है। हत्या केस की जांच करने के लिए घटना स्थल और अन्य जगहों का दौरा करने के बाद विजय कुमार ने कहा कि ऐसा लगता है कि हत्या पाकिस्तान प्रयोजित है।
विजय कुमार ने संवाददाताओं से कहा- “घटनास्थल का मुआयना करने और साक्ष्यों को देखने के बाद ऐसा लगता है कि आतंकी स्थानीय व्यक्ति अल्ताफ की गाड़ी में बैठकर आए। वह गाड़ी में आगे बैठा हुआ था और तीन अन्य लोग बैठे हुए थे, जिन्होंने अंधाधुंध फायरिंग की।”
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उन्होंने बताया कि उसके बाद आतंकी घटनास्थल से गाड़ी छोड़कर भाग गए। अधिकारी ने कहा- “आज उस गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। एक फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) की टीम को गाड़ियों का निरीक्षण करने के लिए भेजा गया है।”
विजय कुमार ने कहा- “इस केस में लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य और स्थानीय आतंकियों जैसे- निस्सार अहमद खांडेय और खुदवानी के अब्बास शेख का नाम सामने आया है।” उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 157 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (पीएसओ) को बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए दिया गया और और जिन लोगों को अधिक खतरा होता उसका आकलन करने के बाद उनकी सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी।
गौरतलब है कि बीजेपी के तीन नेता की वाईकेपुरा में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इन सभी की पहचान फिदा हुसैन यातू, उमेर राशिद बेग और उमेर रमजान हाजम के तौर पर हुई है। उन्हें घटना के बाद पास के अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर उन सभी ने दम तोड़ दिया।







