आने वाले समय में आपको मोबाइल बिल के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। दरअसल, उच्चतम न्यायालय से दूरसंचार कंपनियों को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया चुकाने के लिए दस साल का समय मिला है लेकिन, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी कंपनियों को अगले सात महीनों में अपने एजीआर का 10 फीसदी अदा करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यही कारण है कि मोबाइल कंपनियां इसकी भरपाई करने के लिए कॉल और डेटा की दरें महंगी कर सकती है।
कंपनियों की प्रति उपभोक्ता कमाई काफी कम
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दूरसंचार कंपनियों का प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू)जल्दी ही 200 रुपये नहीं हुआ तो इन कंपनियो को चलाना कठिन हो जाएगा। ऐसे में कॉल और इंटरनेट डेटा दर में बढ़ोतरी के अलावा कोई चारा नहीं है। अभी देश में मोबाइल कंपनियों की एआरपीयू काफी कम है। एयरटेल की 157 रुपये, वोडा आइडिया की 114 रुपये और जियो की 140 रुपये एआरपीयू अभी है। इन आंकड़ों के अनुसार सरकार को एजीआर का बकाया चुकाने में सबसे ज्यादा दिक्कत वोडा आइडिया को ही होगी।
सुनील मित्तल ने दिए थे संकेत
भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने हाल ही में अगले छह महीने में मोबाइल सेवा शुल्क बढ़ने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि कम कीमत पर इंटरनेट उपलब्ध कराना दूरसंचार उद्योग के लिए लंबे समय तक व्यवहारिक नहीं है। मित्तल ने कहा था कि भारत में 160 रुपये प्रति माह पर 16 जीबी इंटरनेट डाटा इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने इतनी सस्ती दर को एक त्रासदी बताया। उन्होंने कहा था कि इतनी कीमत में या तो आप 1.6 जीबी इंटरनेट क्षमता का उपभोग करें नहीं तो और अधिक लागत उठाने को तैयार रहें। हम नहीं चाहते कि आपको अमेरिका या यूरोप की तरह 50 से 60 डॉलर रुपए खर्च करने पड़ें, लेकिन एक महीने में दो डॉलर में 16 जीबी इंटरनेट कहीं से भी उद्योग के लिए व्यवहारिक नहीं है।
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दो दौर में हो सकती है बढ़ोतरी
मोबाइल कॉल और डेटा की लागत में दो दौर में बढ़ोतरी हो सकती है। अगले तीन से छह महीने के अंदर कंपनियां कॉल और डेटा की लागत में 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती हैं। उसके बाद अगले 12 से 18 महीने में एक और वृद्धि देखने को मिल सकती है। कंपनियों ने 2019 में भी अपनी कमाई बढ़ाने के लिए कॉल और डेटा की दरों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी।
– 10% एजीआर का भुगतान कंपनियों को 31 मार्च, 2021 तक देना जरूरी
– 31 मार्च, 2022 से एजीआर के बकाये का भुगतान 10 किश्तों में करना होगा
साल कीमत/जीबी
2014 269 रुपये
2015 226 रुपये
2016 75.57 रुपये
2017 19.35 रुपये
2018 11.78 रुपये
2020 10.00 रुपये







