महाराष्ट्र के होम मिनिस्टर अनिल देशमुख खुद पर लगे आरोपों को लेकर आगे आए हैं और सीएम उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर जांच कराए जाने की मांग की है। अनिल देशमुख ने परमबीर सिंह की ओर लिखे गए लेटर में लगाए आरोपों की जांच की करते हुए यह चिट्ठी लिखी है। उन्होंने अपनी इस चिट्ठी को ट्विटर हैंडल पर भी साझा किया है। अनिल देशमुख ने मराठी में ट्वीट करते हुए लिखा है, ‘मैं चीफ मिनिस्टर से मांग की है कि वे परमबीर सिंह की ओर से मुझ पर लगाए गए आरोपों की जांच कराएं ताकि सत्य बाहर आ सके।’ उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री जांच का आदेश देते हैं तो मैं इसका स्वागत करूंगा। सत्यमेव जयते।

मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह ने उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने अनिल देशमुख पर उगाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को 100 करोड़ रुपये महीने की वसूली का टारगेट दिया था। उनके इन आरोपों के बाद से ही विवाद छिड़ा हुआ है और विपक्ष हमलावर है। बीजेपी की ओर से लगातार अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग की जा रही है। यही नहीं बुधवार को पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से भी मुलाकात की थी और राज्य पैदा हालात की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजने की मांग की थी।

शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन वाली सरकार पर हमला बोलते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि इस सरकार को सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। वहीं बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद कहा, ‘हमने गवर्नर साहब से आग्रह किया है कि वे चीफ मिनिस्टर से कोरोना वायरस संकट समेत अन्य मुद्दों पर रिपोर्ट तलब करें। हमने भ्रष्टाचार के मामलों में भी उनसे दखल देने की अपील की है और राष्ट्रपति को पूरी स्थिति से अवगत कराने का आग्रह किया है।’ इससे पहले मंगलवार को देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली जाकर गृह सचिव से मुलाकात की थी और राज्य में आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े रैकेट के बारे में जानकारी दी थी।





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