बिहार के नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला करते हुए बुधवार को पूछा कि नीतीश सहयोगी हैं या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुलाम। यादव का यह बयान तब आया जब उनसे जाति आधारित जनगणना पर टिप्पणी करने को कहा गया। राजद जाति आधारित जनगणना की मांग कर रहा है।

तेजस्वी ने पूछा, ‘हम 4 अगस्त से प्रधानमंत्री को पत्र लिख रहे हैं ताकि जाति आधारित जनगणना के बारे में बात कर सकें। लेकिन पीएम के पास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने का समय नहीं है। नीतीश कुमार सहयोगी हैं या पीएम के गुलाम?’ बता दें कि नीतीश कुमार बिहार में बीजेपी के सहयोगी हैं और वे जाति आधारित जनगणना के पक्ष में हैं। उन्होंने इस बाबत प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है और उनसे इसपर चर्चा के लिए मिलने का समय मांगा है।

हालांकि सीएम ने कहा कि वे पीएम मोदी से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट का इंतजार कर रहे हैं। 16 अगस्त को उन्होंने कहा, ‘जाति आधारित जनगणना कराने की मांग के संबंध में लिखा मेरा पत्र प्राप्त होने की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने दी है। हम अपॉइंटमेंट की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’

सीएम ने कहा था कि 2019 में बिहार विधानसभा और विधान परिषद में जाति आधारित जनगणना के संबंध में एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। राज्य विधानसभा में 2020 में एक बार फिर सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया है।

राजद नेता ने बुधवार को राज्य में राजद के विस्तार को लेकर झारखंड के पार्टी नेताओं के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, ‘मैं पार्टी का काम सुनिश्चित करने के लिए हर महीने के तीसरे रविवार को झारखंड का दौरा करूंगा। पिछली बार हमने कम अंतर से कुछ सीटें गंवाई थीं। हमने मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।’

तेजस्वी ने बताया कि संजय यादव झारखंड में राजद के प्रधान महासचिव हैं। प्रधानमंत्री को आड़े हाथ लेते हुए राजद नेता ने कहा, ‘बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए राज्य में एक भी केंद्रीय समिति नहीं भेजी गई है। पीएम ने बिहार में बाढ़ संकट से मुंह मोड़ लिया है।’



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