देश में मंगलवार तक सामने आए कोविड-19 के चार लाख 40 हजार मामलों में से सिर्फ 15.34 प्रतिशत मरीजों को आईसीयू देखभाल की जरूरत पड़ी, 15.89 प्रतिशत को ऑक्सीजन देना पड़ा जबकि 4.16 प्रतिशत को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी।

एक सूत्र ने कहा कि इसके साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण के दोगुने होने की दर में भी सुधार हुआ है। यह दर 12 जून को 17.4 दिन थी जबकि बीते तीन दिनों में यह 19.7 दिन हो गई है। मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि भारत में कोविड-19 का प्रसार शुरू होने से 23 जून तक 27,317 मरीजों को आईसीयू देखभाल की जरूरत हुई, 28,301 को ऑक्सीजन देना पड़ा और 7,423 को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। 

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देश में मंगलवार सुबह तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 4,40,215 मामले सामने आ चुके थे। अगले 24 घंटों में कुल आंकड़ा 15,968 नए मामलों के सामने आने के बाद बढ़कर 4,56,183 हो गया। भारत में एक जून से 24 जून के बीच संक्रमण के 2,65,648 मामले सामने आए और इनमें सबसे ज्यादा मामले पांच राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, गुजरात और उत्तर प्रदेश के हैं।

आईसीएमआर अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि देश में 23 जून तक कुल 73.5 लाख नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से मंगलवार को 2.15 लाख नमूनों की जांच की गई, जो महामारी शुरू होने के बाद एक दिन में की गई सबसे ज्यादा जांच है।





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