- एनकाउंटर स्पेशलिस्ट माने जाने वाले सचिन वझे ने फिर जॉइन की पुलिस फोर्स
- बम ब्लास्ट आरोपी ख्वाजा यूनुस की हिरासत में मौत के बाद कर दिया गया था सस्पेंड
- सचिन वझे ने वर्ष 2008 में एक रैली के दौरान शिवसेना का दामन थाम लिया था
- वझे ने 26/11 के मुंबई हमले पर मराठी में ‘जिंकून हरलेली लड़ाई’ नामक किताब भी लिखी थी
मुंबई
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट (Encounter Specialist) सचिन वझे करीब डेढ़ दशक बाद फिर पुलिस फोर्स (Police Force) में आ गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने नयागांव पुलिस मुख्यालय में जाकर जॉइन किया। एनबीटी से उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की। वह 1990 बैच के अधिकारी हैं। उन्होंने 60 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं। जब प्रदीप शर्मा अंधेरी सीआईयू के चीफ थे, तो वझे उनके अंडर में वहां काम करते थे।
बम ब्लास्ट आरोपी ख्वाजा युनूस की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में कुछ पुलिस वाले आरोपी बनाए गए थे। वझे भी उनमें से एक थे। उन्हें उस केस में सस्पेंड भी किया गया था। उन्होंने साल 2007 में पुलिस की नौकरी छोड़ दी। पुलिस फोर्स से अलग होने के एक साल बाद उन्होंने 2008 की दशहरा रैली में शिवसेना भी जॉइन की थी।
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लिखी थी यह किताब
सचिन वझे ने 26/11 के मुंबई हमले पर मराठी में ‘जिंकून हरलेली लड़ाई’ नामक किताब भी लिखी थी। इसका हिंदी अर्थ है, जीतकर हारी हुई लड़ाई। उन्होंने साइबर क्राइम और जाली नोटों से भी जुड़े कई बड़े केस डिटेक्ट किए हैं। उन्होंने एक ऐप भी बनाया था। वह एक एनजीओ सपोर्ट से भी जुड़े रहे। इस एनजीओ का काम जरूरतमंद लोगों को कानूनी मदद करना है।







