कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की ओर से बम, बंदूक और जोर-जबर्दस्ती की धमकी कोई नहीं बात नहीं है। युद्ध से लेकर आतंकवाद का भी सहारा भी लेकर देख लिया, लेकिन हर बार और हर जगह उसे मुंह की खानी पड़ी। ऐसे में अब भारत के इस अभिन्न हिस्से को लेकर पाकिस्तान का जोश ठंडा पड़ने लगा है। परमाणु हथियार की धमकी छोड़कर वह शांति और जनमत की बातें करने लगा है। शुक्रवार को पाकिस्तान ने ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ की रस्म अदायगी जरूर की, लेकिन प्रधानमंत्री इमरान खान से लेकर सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा तक ‘जनमत संग्रह’ की बातें करते रहे। हालांकि, अपने पाले हुए आतंकियों से घाटी में खून-खराबा कराने वाले पड़ोसी ने कहा कि वह तो हमेशा शांति चाहता रहा है और माहौल भारत को बनाना है।

इमरान खान ने एक के बाद एक कई ट्वीट में कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के लोगों के साथ तब तक खड़ा है जब तक उन्हें आत्मनिर्णय का अधिकार नहीं मिल जाता है। इमरान खान ने एक ट्वीट में कहा, ”मैं इस बात को दोहराना चाहता हूं कि पाकिस्तान आत्मनिर्णय के लिए कश्मीरियों के संघर्ष के साथ खड़ा है, जिसपर UNSC के कई प्रस्तावों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जोर दिया है।” हालांकि, इमरान खान यह बताने की हिम्मत नहीं जुटा सके कि जिसे असल में वह कश्मीरियों का संघर्ष बता रहे हैं वह पाकिस्तान प्रायोजित छद्म युद्ध और आतंकवाद है।  

एक अन्य ट्वीट में इमरान खान ने कहा, ”कश्मीरी लोगों के लिए मेरा संदेश यह है कि आत्मनिर्णय का आपका लक्ष्य अधिक दूर नहीं है। पाकिस्तान तब तक आपके साथ खड़ा रहेगा जब तक आप अपने अधिकार हासिल नहीं कर लेते। पाकिस्तान हमेशा इस क्षेत्र में शांति के लिए खड़ा रहा है, लेकिन इसके लिए माहौल बनाने की जिम्मेदारी भारत की है।” इमरान खान ने आगे कहा कि यदि भारत सरकार UNSC के प्रस्ताव के मुताबिक कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए गंभीरता दिखाती है तो पाकिस्तान शांति के लिए दो कदम आगे बढ़ाने को तैयार है। 

इमरान खान जानते हैं कि पाकिस्तान के सुर में नरमी को दुनिया हैरानी से देखेगी और जवाब तलाशे जाएंगे कि आखिर क्यों अचानक पाकिस्तान शांति-शांति करने लगा है। इसको लेकर पहले ही सफाई देते हुए इमरान ने कहा, ”स्थिरता और शांति की हमारी इच्छा को कोई गलती से हमारी कमजोरी ना समझे। वास्तव में एक राष्ट्र के रूप में हमारी मजबूती है कि हम शांति चाहते हैं ताकि कश्मीर के लोगों की इच्छा पूरी हो।” 

दूसरी तरफ पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने कश्मीर को लेकर भारत पर वे निराधार आरोप फिर दोहराए जिनकी सच्चाई पूरी दुनिया जानती है। उन्होंने कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि अब इसे खत्म करने का समय आ गया है और जम्मू कश्मीर के लोगों की इच्छा के मुताबिक कश्मीर समस्या का समाधान हो। बाजवा ने कहा, ”इस मानवीय संकट को खत्म करने और कश्मीर मुद्दे का समाधान जम्मू-कश्मीर के लोगों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के मुताबिक करने का समय आ गया है।”





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