गूगल और एप्पल जैसी दिग्गज सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों समेत अमेरिका के आईटी क्षेत्र व व्यावसायिक समूहों ने नए राष्ट्रपति जो बाइडेन के इमिग्रेशन सुधारों की सराहना की है। कंपनियों का कहना है कि यह कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा, रोजगार सृजित करेगा और दुनिया भर से श्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करेगा। बाइडेन ने अपने कार्यकाल के पहले दिन कांग्रेस के पास एक विस्तृत इमिग्रेशन बिल भेजा। इस बिल में दस्तावेजों से वंचित दसियों हजार शरणार्थियों को नागरिकता व वैधानिक दर्जा देने तथा ग्रीन कार्ड के इंतजार में बैठे परिजनों का प्रतीक्षा समय कम करने समेत प्रणाली में व्यापक रद्दोबदल का प्रस्ताव किया गया है।

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अमेरिकी नागरिकता अधिनियम 2021 (यूएस सिटिजनशिप एक्ट ऑफ 2021) नाम के इस विधेयक में इमिग्रेशन प्रणाली को आधुनिक बनाने के प्रस्ताव है। इसमें रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड के लिये हर देश के लिये अधिकतम संख्या को हटाने का भी प्रस्ताव किया गया है। इस कदम से हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों को राहत मिल सकती है।

एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक ने राष्ट्रपति बाइडेन के इस कदम का स्वागत किया। उन्होंने बुधवार को देर से जारी एक बयान में कहा, ”यह प्रयास अमेरिकी समुदायों तथा इस देश के द्वारा लंबे समय से तैयार अवसरों की राह को मजबूत करेगा।” गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने बृहस्पतिवार को एक ट्वीट में कोविड राहत, पेरिस जलवायु समझौते और इमिग्रेशन सुधार पर बाइडन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

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भारत में जन्में पिचाई ने कहा, ”गूगल ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर उठाये कदमों का समर्थन किया है। गूगल नई सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है ताकि अमेरिका को महामारी से उबरने में मदद मिले।” एप्पल, गगूल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत व चीन जैसे देशों से बड़ी संख्या में आईटी पेशेवरों को नियुक्त करती हैं। सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग परिषद के सीईओ व अध्यक्ष जैसन ऑक्समैन ने कहा, ”बाइडन-हैरिस सरकार की कार्य योजनाओं में आव्रजन सुधारों की दिशा में लंबे समय से अटके महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।”



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