टोक्यो ओलंपिक में शानदार खेल दिखाकर गोल्फर अदिति अशोक इतिहास रचने से चूक गईं। अदिति अशोक गोल्फ स्पर्धा में पदक से मामूली अंतर से चूक गईं और खराब मौसम से प्रभावित चौथे दौर में तीन अंडर 68 का स्कोर करके चौथे स्थान पर रहीं। हालांकि, उनके प्रयास पर पूरे देश को गर् है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोल्फ खिलाड़ी अदिति अशोक की प्रशंसा की और कहा कि वह टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने से भले चूक गईं हों लेकिन उन्होंने एक मिसाल कायम की है। अदिति का कुल स्कोर 15 अंडर 269 रहा और वह दो स्ट्रोक्स से चूक गईं।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘बेहतरीन खेलीं अदिति। टोक्यो 2020 में आपने शानदार कौशल और संकल्प का प्रदर्शन किया। आप पदक से मामूली अंतर से चूक गईं, लेकिन इसमें अब तक किसी भी भारतीय ने जो हासिल किया आप उससे कहीं आगे निकल गईं और आपने एक मिसाल कायम की है। भविष्य के लिए शुभकामनाएं।’

दरअसल, ओलंपिक में ऐतिहासिक पदक के करीब पहुंची अदिति ने सुबह दूसरे नंबर से शुरूआत की थी लेकिन वह पिछड़ गई। सौ बरस बाद गोल्फ की वापसी वाले रियो ओलंपिक में 41वें स्थान पर रहीं अदिति ने हालांकि आशातीत प्रदर्शन किया है। आखिरी दौर में उन्होंने पांचवें, छठे, आठवें, 13वें और 14वें होल पर बर्डी लगाया और नौवें तथा 11वें होल पर बोगी किये ।

दुनिया की नंबर एक गोल्फर नैली कोरडा ने दो अंडर 69 के साथ 17 अंडर कुल स्कोर करके स्वर्ण पदक जीता । जापान की मोने इनामी और न्यूजीलैंड की लीडिया को के बीच रजत पदक के लिये प्लेआफ खेला गया जिसमें इनामी ने बाजी मारी। तूफान के कारण कुछ समय खेल बाधित रहा जब 16 होल पूरे हो चुके थे । 

अदिति पूरे समय पदक की दौड़ में थी लेकिन दो बोगी से वह को से पीछे रह गई जिन्होंने आखिरी दौर में नौ बर्डी लगाये तीन ही ड्रॉप शॉट खेले। भारत की दीक्षा डागर संयुक्त 50वें स्थान पर रही जिन्होंने आखिरी दौर में एक अंडर 70 और कुल छह ओवर 290 स्कोर किया।





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