यात्रा का प्लान बनाने के बावजूद कई बार जाना मुश्किल हो जाता है और ट्रेन टिकट कैंसिल करानी पड़ती है. ट्रेन टिकट कैंसिल कराने के रेलवे के कई नियम बना रखे हैं. ऐसे ही टिकट कैंसिल कराने के बाद रिफंड प्राप्त करने के लिए भी कई रूल्स बने हुए हैं. हर क्लास के लिए रिफंड के नियमों में थोड़ा बहुत अंतर होता है. ऐसे में इन नियमों के बार में जानकारी होने से रिफंड प्राप्त करने में आसानी रहती है.

रिफंड के लिए समय सीमा
रेलवे ने कैटेगरी के हिसाब से रिफंड की अलग-अलग समय सीमा तय कर रखी है. यात्रियों के लिए रिफंड की समयसीमा 45 दिन निर्धारित है. टीडीआर और क्लेम सबमिट करने के बाद 45 दिन तक रिफंड किया जाता है.  

ऑटीपी आधारित रिफंड सिस्टम
रेलवे के अधिकृत एजेंटो के जरिए बुक कराई गई टिकट को कैंसिल कराने पर ऑटीपी बेस्ड रिफंड प्राप्त किया जा सकता है. इसमें यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ऑटीपी आता है जिसे यात्री को अपने टिकट एजेंट को शेयर करना होता है और रिफंड मिल जाता है. इसमें यात्री एजेंट को कितना रिफंड प्राप्त हुआ है, इसके बारे में भी जान सकता है.

यात्री रखें इन बातों का ध्यान
इसके लिए यात्रियों को एजेंट से टिकट बुक कराते समय सही नंबर देना चाहिए. इसके साथ ही यात्री को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि एजेंट ने सही नंबर दर्ज किया हो. इसके साथ रेलवे के अधिकृत एजेंट से ही टिकट बुक करानी चाहिए.

कैंसिलेशन चार्ज
टिकट कैंलिस कराने पर रिफंड के समय कैटेगरी के हिसाब से चार्ज काटे जाते हैं. आईआरटीसी सर्विस चार्ज स्लीपर क्लास या सैकंड क्लास पर हर टिकट पर 80 रुपये चार्ज के काटे जाते हैं. इससे हायर क्लास जैसे 1 एसी, 2 एसी आदि की पर टिकट पर 120 रुपये काटे जाते हैं. इनमें सर्विस टैक्स अलग से लिया जाता है.  
  
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