भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों की राय है कि केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा ‘सीबीडीसी’ के प्रचलन से भुगतान प्रणाली में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है। भुगतान तेज हो सकता है, लेकिन इससे बैंकिंग प्रणाली में मध्यस्थहीनता की स्थिति पैदा होने का खतरा है। मु्द्रा और वित्त पर रिपोर्ट (आरसीएफ) शीर्षक से यह रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की गयी। रिजर्व बैंक ने कहा है कि इसमें प्रस्तुत विचारों को संस्थान की राय नहीं माना जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें: Bitcoin की थमी उड़ान, 48000 डॉलर से भी नीचे आया भाव, देखें Latest रेट
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘सीबीडीसी, को एक बार लागू कर दिया गया तो इससे भुगतान के लेन—देन में व्यापक बदालव आ सकते हैं और धन का हस्तांतरण अधिक तीव्र हो सकता है।’ पर रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसमें केवल अच्छाई ही नहीं है। इसमें बैंकिंग प्रणाली में मध्यस्थहीनता की स्थिति पैदा होने का खतरा है। यानी बैंकों की मध्यस्थहीनता की भूमिका खत्म होने की स्थिति पैदा होने का खतरा है। यदि बैंकिंग प्रणाली को कमजोर समझा जाता हो तो यह खतरा और भी बड़ा हो जाता है।”
यह भी पढ़ें: बिटक्वाइन की तरह भारत की होगी अपनी डिजिटल करेंसी, आरबीआई का इंटर पैनल इस पर कर रहा काम
बता दें आरबीआई एक आधिकारिक डिजिटल करेंसी को जल्द से जल्द देश में लाने के लिए काम कर रहा है। इसे क्रिप्टोकरेंसी के तर्ज पर ही लाने की तैयारी है। आरबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डिजिटल करेंसी को लाने से क्या फायदे होंगे और यह कितना उपयोगी होगी। इसको लेकर शुक्रवार को आरबीआई के डीप्टी गवर्नर बी पी कानूनगो ने कहा कि केंद्रीय बैंक की डिजिटल करेंसी के मॉडल पर RBI का आंतरिक पैनल काम कर रहा है और बहुत जल्द इस पर भी फैसला लेगा।







