घरेलू शेयर बाजार में भारी खरीदारी के चलते निवेशकों की भावनाएं मजबूत होने से शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे बढ़कर 74.84 (अनंतिम) के स्तर पर बंद हुआ। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में घरेलू मुद्रा 74.84 पर बंद हुई, जो इसके पिछले बंद भाव 75.02 के मुकाबले 18 पैसे की बढ़त को दर्शाता है। दिन के कारोबार में रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74.84 के ऊपरी स्तर को और 74.96 के निचले स्तर को देखा।
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विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपये का समर्थन किया। इसबीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत गिरकर 92.95 के स्तर पर था।
रुपये के मजबूत होने से इन क्षेत्रों को होगा लाभ
- कच्चा तेल पर असर: इस क्षेत्र को रुपये की मजबूती से राहत मिलेगी, क्योंकि यह आयात किया जाता है। कच्चे तेल का आयात बिल में कमी आएगी और विदेशी मुद्रा कम खर्च करना होगा।
- कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रॉनिक सस्ते होंगे: रुपये की मजबूती से इस सेक्टर को भी राहत मिलेगी, क्योंकि रुपये की मजबूती से भारत में सस्ते कैपिटल गुड्स मिलेंगे। रुपये मजबूत हो तो इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र को भी लाभ हासिल होगा, क्योंकि सस्ते इलेक्ट्रॉनिक गु्ड्स आयात किए जा सकेंगे। रुपये की मजबूती का सकारात्मक असर जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर पर दिखाई देगा। इससे यह सस्ता होगा और आयात पर भी इसका असर आएगा।
- उर्वरक की कीमत घटेगी: भारत बड़ी मात्रा में जरूरी उर्वरकों और रसायन का आयत करता है। रुपये की मजबूती से यह भी सस्ता होगा। आयात करने वालों को यह कम दाम में ज्यादा मिलेगा। इससे इस क्षेत्र को सीधा फायदा होगा। साथ ही किसानों को भी लाभ होगा,उनकी लागत घटेगी जिससे आय बढ़ेगी।
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रुपये की मजबूती ने इन क्षेत्रों को झटका
- आईटी क्षेत्र: रुपये की मजबूती से इस सेक्टर पर प्रतिकूल असर आएगा। कंपनियों को मिलने वाले काम पर आय कम होगी जिससे उनको नुकसान होगा।
- दवा निर्यात: रुपया मजबूत होने से इस सेक्टर का निर्यात भी घटेगा। हालांकि, भारत बड़ी मात्रा में दवा और उसका कच्चा माल आायत करता है जिसमें उसे थोड़ी राहत मिलगी।
- कपड़ा क्षेत्र को घाटा: रुपया मजबूत होता है तो इस सेक्टर को निर्यात में काफी नुकसान होता है। टेक्सटाइल निर्यात में भारत वैश्विक रैकिंग में फिलहाल दूसरे स्थान पर मौजूद है। यदि रुपया मजबूत हुआ तो इस सेक्टर को भी काफी नुकसान होगा।
- पढ़ाई महंगी होगी: रुपया मजबूत होने से विदेशी में पढ़ाई करना महंगा हो जाएगा। साथ ही विदेश यात्रा भी महंगी हो जाएगी।







