सीटों के बंटवारे को लेकर कई दिनों तक चले विचार-विमर्श के बाद द्रमुक ने अपनी अहम सहयोगी कांग्रेस को रविवार को 25 विधानसभा सीटें और कन्याकुमारी लोकसभा सीट दीं। द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन और तमिलनाडु कांग्रेस समिति प्रमुख के एस अलागिरी ने छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर यहां द्रमुक मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में समझौते पर हस्ताक्षर किए।
कई दिनों तक विचार-विमर्श के बाद, शनिवार देर रात समझौते पर सहमति बनी। कांग्रेस नेता एवं पार्टी की तमिलनाडु इकाई के प्रभारी दिनेश गुंडु राव ने संवाददाताओं से कहा कि जब देश भाजपा से खतरे का सामना कर रहा है, ऐसे में ‘सहयोग की भावना के तहत समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। राव और अलागिरी ने स्टालिन से शनिवार रात यहां उनके आवास पर मुलाकात की और कहा कि समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होंगे, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया था कि कितने सीटें आवंटित की गई हैं।
Every ration cardholder housewife will get Rs 1,000 per month if DMK comes into power in Tamil Nadu: DMK chief MK Stalin at a rally in Trichy https://t.co/oIV3TsZUQQ pic.twitter.com/ZVJeqcUAYz
— ANI (@ANI) March 7, 2021
यह पूछे जाने पर कि क्या वह सहयोगी दल द्वारा आवंटित सीटों की संख्या से संतुष्ट हैं, राव ने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य द्रमुक नीत धर्मनिरपेक्ष मोर्चे की जीत सुनिश्चित करना है। राव ने कहा, ”समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद हमें संतुष्ट होना होगा, क्योंकि काफी विचार-विमर्श के बाद यह समझौता किया गया है। हमारा एकमात्र लक्ष्य यह है कि धर्मनिरपेक्ष मोर्चे की जीत हो।”
उन्होंने कहा, ”संतुष्ट एवं असंतुष्ट होने का समय पूरा हो गया है। अब हम युद्धक्षेत्र में हैं। हमें अपने विपक्षियों से मुकाबला करना होगा।” उन्होंने कहा कि द्रमुक का प्रस्ताव स्वीकार करने का निर्णय सभी वरिष्ठ नेताओं एवं आला कमान से विचार-विमर्श के बाद लिया गया और इस मामले पर हमारी पार्टी के भीतर कोई मतभेद नहीं है। अलागिरी ने कहा कि हम पूरी तरह संतुष्ट हैं।
द्रमुक ने अब तक अपने सहयोगियों को 48 सीटें दी हैं। कांग्रेस को 25, एमडीएमके, विदुथलाई चिरुथिगाल काची (वीसीके) और माकपा को छह-छह सीटें, आईयूएमएल को तीन और मनिठान्या मक्कल काची को दो सीटें दी गई हैं।
द्रमुक के साथ सत्ता में भागीदार नहीं बनेंगे: तमिलनाडु कांग्रेस
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. एस. अलागिरी ने रविवार को कहा कि अगर छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में द्रमुक को जीत हासिल होती है तो उनकी पार्टी सत्ता में भागीदार नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके सहयोगी दल ने कांग्रेस को 25 सीटें दी हैं। अलागिरी ने कहा कि उनकी पार्टी ने द्रमुक से राज्यसभा की एक सीट मांगी है।
द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन के साथ सीटों के बंटवारे पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि समझौते से उनकी पार्टी खुश है। अलागिरी ने कहा कि कांग्रेस, द्रमुक अन्य घटक दलों के लिए पंथनिरपेक्षता केंद्रीय बिंदु है। उन्होंने कहा, “भाजपा देश के लिए बड़ी बीमारी है और वह दूसरों को भी संक्रमित करने का प्रयास कर रही है।”
यह पूछे जाने पर कि क्या द्रमुक की सरकार बनने पर कांग्रेस उसमें भागीदार होगी, अलागिरी ने कहा, “नहीं। हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है।” उन्होंने खुद विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर भी नकारात्मक जवाब दिया। अलागिरी से जब सवाल किया गया कि क्या उनकी पार्टी ने द्रमुक से राज्यसभा सीट की मांग की है तो उन्होंने इसका जवाब ‘हां में दिया।







