अमरुल्लाह सालेह अफगानिस्तान के पहले पूर्व उप-राष्ट्रपति रहे हैं। इन दिनों वह लगातार ख़बरों में हैं। तालिबान को लेकर लगातार पाकिस्तान के रवैये पर सवाल उठा रहे हैं। पाकिस्तान द्वारा तालिबान को सपोर्ट करने को लेकर उन्होंने इमरान सरकार को खूब खरी-खोटी सुनाई है। अभी उन्होंने फिर से ऐसा कुछ लिख दिया है जिसको लेकर सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के लोग नाराज़ हैं।

2 अगस्त की देर रात उन्होंने ट्वीट कर लिखा,

‘हेरात बुला रहा है। आज रात हेरात जोर से और साफ़ तौर पर ‘ऑल अकबर’ का जप कर रहा है। अल्लाह महान है। अल्लाह तालिब आतंकियों के हाथ में कोई खिलौना नहीं है। हेरात दहाड़ रहा है। अल्लाह पाकिस्तानी प्रोडक्ट नहीं है। आज रात हेरात के लोग या तो सड़क पर हैं या बाहर छतों पर हैं और अफगानिस्तान नेशनल डिफेंस और सिक्यूरिटी फ़ोर्स का समर्थन कर रहे हैं।’

हेरात में 41 आतंकियों की मौत

हेरात में सेना की कारवाई को लेकर अफगानिस्तान रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट करके बताया है कि 2 जुलाई को हेरात प्रांतीय केंद्र के बाहरी इलाके में अफगान सुरक्षा बलों और सार्वजनिक विद्रोह बलों द्वारा किए गए संयुक्त अभियान में 41 तालिबान आतंकी मारे गए और 32 घायल हो गए। इसके साथ ही हेरात शहर के बड़े इलाके को तालिबान आतंकियों से मुक्त कर दिया गया है।

अमरुल्लाह सालेह  के साथ ही मौजूदा अफगानिस्तान राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भी तालिबान को लेकर पाकिस्तान के रोल पर रोल उठाए हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान हज़ारों लड़ाकों को ट्रेन करके अफगानिस्तान से लड़ने के लिए भेज रहा है। तालिबान को लेकर आरोप लगाए जाने लाने को लेकर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की निंदा की थी। लेकिन रिपोर्ट्स बताते हैं कि पाकिस्तान, तालिबान की भरपूर मदद कर रहा है। हाल ही में अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि तालिबान लड़ाकों से लड़ाई में पाकिस्तान सेना के अधिकारी के मारे गए हैं जो कि तालिबान पक्ष का नेतृत्व कर रहे थे।

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