अफगानिस्तान में तालिबान शासन के दौरान महिलाओं की हालत को लेकर जताई गई तमाम आशंकाएं सही साबित होती दिख रही हैं। पहले काबुल एयरपोर्ट पर एक बिना बुरका पहने पहुंची एक महिला पर गोली चलाने की खबरें आई थीं। फिर देर शाम सीएनएन की महिला रिपोर्टर क्लारिसा वार्ड की वायरल हो रही एक तस्वीर ने स्थिति की गंभीरता को बता दिया है। तस्वीर को देखकर पता चल रहा है कि तालिबान शासन आने के साथ किस तरह से हालात बदल गए हैं। वहीं एक जगह तालिबान क्लारिसा वार्ड से कह रहा है कि तुम महिला हो, किनारे खड़ी रहो। 

आखिर ऐसा क्या है तस्वीर में 
क्लारिसा सीएनएन की चीफ इंटरनेशनल करेस्पांडेंट हैं। क्लारिसा वार्ड की पहली तस्वीर तालिबान शासन लागू होने के 24 घंटे पहले की है। इस तस्वीर में क्लारिसा आम कपड़ों में नजर आ रही हैं। उन्होंने अपने सिर पर दुपट्टा भी नहीं रखा हुआ है। लेकिन दूसरी तस्वीर में वह बाकायदा बुरका पहनकर रिपोर्टिंग करती नजर आ रही हैं। इसमें सिर्फ उनका चेहरा दिखाई दे रहा है। यह दोनों तस्वीर टि्वटर पर वायरल हो रही हैं। टि्वटर यूजर्स दोनों तस्वीरों की तुलनाकर अफगानिस्तान में महिलाओं की हालात का अंदाजा लगा रहे हैं। 

तालिबान शासन का हाल बयां कर रही हैं क्लारिसा
क्लारिसा वार्ड अफगानिस्तान में तालिबान का शासन लागू होने के बाद वहां के हालात का जायजा लेने के लिए निकली थीं। इस दौरान उन्होंने अफगान लड़ाकों से स्मोकिंग पर प्रतिबंध लगाने और दाढ़ी को अनिवार्य किए जाने से संबंधी सवाल पूछ रही हैं। इसके जवाब में एक तालिबान कहता है कि कुछ भी जबर्दस्ती और तुरंत लागू नहीं किया जाएगा। ठीक इसी समय एक तालिबान लड़ाका क्लारिसा से किनारे खड़े होने के लिए कहता है क्योंकि वह एक महिला हैं।

कितना पूरा होगा महिला सुरक्षा का वादा
उधर तालिबान का दावा है कि नए शासनकाल में वह महिला अधिकारों को सुरक्षा देगा। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। जैसे ही तालिबान ने काबुल में सत्ता हासिल की, शहर की दीवारों पर लगी महिलाओं के पोस्टर को पेंट करने की तस्वीरें सामने आने लगी थीं। वहीं परिवार के साथ बाजार में निकली एक महिला को तालिबान लड़ाकों ने इसलिए फटकार लगाई क्योंकि सैंडल से उसका पैर दिखाई दे रहा था। 

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