केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका जताते हुए कहा है कि हमें इसे लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि हम जब तीसरी लहर की बात करते हैं तो उसे मौसम की अपडेट के तौर पर देखते हैं, जो गलत है। उन्होंने कहा कि हम कोरोना की तीसरी लहर की गंभीरता और उससे जुड़ी अपनी जिम्मेदारियों के बारे में नहीं समझ रहे हैं। अग्रवाल ने कहा कि मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में कोरोना के केसों में इजाफा देखने को मिल रहा है।
इसके अलावा कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां कोरोना के केसों में तेजी से गिरावट होने के बाद ठहराव की स्थिति आ गई है। ऐसे में इन राज्यों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। भारत सरकार की तैयारियों के बारे में बताते हुए अग्रवाल ने कहा, ‘हमने 11 राज्यों में केंद्रीय टीमों को भेजा है ताकि वे राज्य सरकारों की कोरोना मैनेजमेंट में मदद कर सकें। पूर्वोत्तर के राज्यों के अलावा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, केरल और ओडिशा जैसे राज्यों में भी टीमों को रवाना किया गया है, जहां कोरोना केसों में तेजी देखने को मिल रही है।’ बता दें कि पू्र्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना संकट को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सुबह मुलाकात की थी।
We would like to request to everyone — when we talk about the third wave (of COVID-19), we are taking it as a weather update and not understanding its seriousness and our responsibilities associated with it: Lav Agarwal, Joint Secretary, Health Ministry pic.twitter.com/TAMUnFp9bb
— ANI (@ANI) July 13, 2021







