राजद प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे और विधायक तेज प्रताप यादव इन दिनों काफी गुस्से में हैं। कई मौकों पर तेज प्रताप का गुस्सा सामने झलक भी चुका है। इस बीच छोटे भाई तेजस्वी ने अपनी पहली ही चुनावी चाल में उनको हरा दिया है। तारापुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में तेजप्रताप यादव के छात्र जनशक्ति परिषद समर्थित उम्मीदवार संजय यादव ने पर्चा भरने के अगले ही दिन नाम वापस ले लिया।

संजय यादव ने तेजस्वी से मुलाकात करने के बाद ऐलान कर दिया कि वो अब तेजस्वी के लालटेन की रोशनी तेज करेंगे। अपनी पहली ही चाल में चित हुए तेज प्रताप ने रविवार को ट्वीट कर तेजस्वी के सलाहकार पर गुस्सा निकाला है। तेज प्रताप ने कहा कि संजय यादव की उम्मीदवारी को लेकर उन्होंने खुद कुछ नहीं कहा था। तेजस्वी के सलाहकार खुद ही सी ग्रेड फिल्मों जैसी स्क्रिप्ट लिख रहे हैं।

अपने ट्वीट में तेज प्रताप ने लिखा है कि मेरे लिए चुनाव में आदरणीय तेजप्रताप यादव जी प्रचार करेंगें-संजय यादव। जनता के लिए संजय यादव जी ने अपनी उम्मीदवारी वापिस ली। पार्टी, ना मैंने कुछ कहा ना लिखा तो इसमें मेरा क्या रोल था या है? हरियाणवी स्क्रीट राईटर तुम ये फालतू की सी ग्रेड कहानी कहीं और लिखना। बिहारी सब समझतें हैं।

तेज प्रताप ने अपने ट्वीट में किसी का नाम तो नहीं लिखा, लेकिन यह आसानी से समझा जा सकता है कि उनका निशाना किस पर है। तेज प्रताप कह रहे हैं कि उन्होंने कुछ नहीं किया और ये सब कहानी तेजस्वी के हरियाणवी सलाहकार ने रची है। गौरतलब है कि तेजस्वी के लिए सियासी रणनीति बनाने वाले संजय यादव हरियाणा के रहने वाले हैं। तेज प्रताप पहले भी संजय यादव पर निशाना साधते रहे हैं। वे संजय यादव पर कई गंभीर आऱोप लगा चुके हैं।

तेजप्रताप यादव ने तारापुर विधानसभा उपचुनाव में बडा दांव खेला था। तारापुर विधानसभा क्षेत्र में यादव वोटरों की तादाद अच्छी खासी है। राजद इस सीट से यादव उम्मीदवार को ही मैदान में उतारता रहा है, लेकिन इस बार पार्टी ने अपना वोट बैंक बढाने के लिए वैश्य समाज से आने वाले अरूण साह को मैदान में उतार दिया है।

इसके बाद तेजप्रताप ने अपने करीबी संजय यादव को मैदान में उतार दिया। तेजप्रताप की कोशिश ये थी कि राजद के आधार वोट में सेंध लग जाये। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यादव वोटरों का 20 प्रतिशत भी अगर संजय यादव के साथ जाता, तो तारापुर सीट से राजद की हार तय है। तेजप्रताप के सेनापति ने नामांकन करने के अगले ही दिन शनिवार की रात तेजस्वी यादव के घर पर पहुंच गये।

तेजस्वी के सामने उन्होंने राजद की सदस्यता लेते हुए नामांकन वापस लेने का ऐलान कर दिया। संजय यादव ने कहा कि वे गलतफहमी में चुनाव लडने चले गये थे। अब राजद उम्मीदवार को जीताने का काम करेंगे। अब तेज प्रताप कह रहे हैं कि संजय यादव उनके उम्मीदवार नहीं थे। तेजप्रताप अब डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका बड़ा नुकसान हो चुका है।





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