देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमती को लेकर कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के करीब पहुंच गई है। तेल की बढ़ती कीमतों के बाद लोग सरकार से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कीमत में गिरावट कब आएगी।

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी इन सवालों का सामना करना पड़ा। गुरुवार को अहमदाबाद में एक कार्यक्रम में निर्मला सीतारमण से जब पूछा गया कि तेल की कीमतों को सरकार कब कम करेगी तो उन्होंने कहा कि वह नहीं बता पाएंगी कि कब… यह एक धर्म संकट है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित बुद्धजीवियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट को लेकर भी अपनी बात रखी। सीतारमण ने कहा, ”यह नये दशक का बजट है। यह बजट साफ तौर पर कहता है…हम निजी क्षेत्र पर भरोसा करते हैं और देश के विकास में भागदारी के लिए आपका स्वागत है। 

उन्होंने कहा कि इस बजट में हमने साफ किया है कि सरकार क्या कर सकती है या किस हद तक कर सकती है…इसीलिए यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था को एक दिशात्मक बदलाव देता है। उन्होंने कहा, हमें सोवियत संघ से विरासत में व्यवस्था मिली जिसमें समाजवाद की उपलब्धियों की बात होती थी…कि केवल समाजवाद ही पूरी आबादी का कल्याण कर सकता है। वे कहते हैं कि कल्याणकारी राज्य एक समाजवादी विशेषाधिकार है।





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