कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को दादी इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी (आपातकाल) को गलत बताया। उन्होंने कार्नेल यूनिवर्सिटी के एक ऑनलाइन कार्यक्रम में शिरकत की, जिसमें उनके साथ सैम पित्रोदा, प्रोफेसर कौशिक बसु भी थे। राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम में बीजेपी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इमरजेंसी गलत थी, लेकिन जो अभी हो रहा है और जो उस समय हो रहा था, दोनों में काफी बड़ा फर्क है। कांग्रेस पार्टी ने कभी भी भारत के संवैधानिक ढांचे को हथियाने की कोशिश नहीं की। पार्टी का डिजाइन इसकी अनुमति नहीं देता है। अगर हम चाहें भी तो ऐसा नहीं कर सकते हैं।
आरएसएस पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, ”आरएसएस जो कर रहा है, वह मौलिक रूप से कुछ अलग है। वह अपने लोगों से संस्थानों को भर रहा है। यहां तक कि अगर हम चुनाव में बीजेपी को हराते हैं, तो हम संस्थागत ढांचे में उनके लोगों से छुटकारा पाने के लिए अपने लोगों की भर्ती नहीं करेंगे।”
There is a fundamental difference between what happened in the Emergency, which was wrong & what is happening now. Congress party, at no point, attempted to capture India’s constitutional framework. Our design doesn’t allow us that. Even if we want to do it,we can’t: Rahul Gandhi pic.twitter.com/HNiheYzOK5
— ANI (@ANI) March 2, 2021
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि हमें संसद में बोलने की अनुमति नहीं है। न्यायपालिका से उम्मीद नहीं है। आरएसएस-बीजेपी के पास बेतहाशा आर्थिक ताकत है और व्यवसायों को विपक्ष के पक्ष में खड़े होने की इजाजत नहीं है। लोकतांत्रिक अवधारणा पर यह सोचा-समझा हमला है। उन्होंने कहा, ”आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं इसलिए प्रभावी हैं, क्योंकि उनके पास स्वतंत्र संस्थाएं हैं। लेकिन, भारत में उस स्वतंत्रता पर हमला किया जा रहा है।”







