दालों की बढ़ती कीमत को लेकर सरकार की चिंता काफी बढ़ गई है. अब इसने इनके दाम घटाने के लिए आयात शुल्क में कटौती का फैसला किया है. सरकार ने घरेलू बाजार में दलहन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी कटौती का फैसला किया है. अपने पहले कदम के तहत सरकार ने मसूर दाल की इंपोर्ट ड्यूटी 20 फीसदी घटा दी है.

मसूर दाल पर घटाई इंपोर्ट ड्यूटी 

पीटीआई की खबर के मुताबिक अमेरिका को छोड़ कर दूसरे देशों से मसूर दाल पर आयात शुल्क 30 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है. अमेरिका से मसूर के आयात मामले में पहले ड्यूटी 50 फीसदी थी लेकिन अब इसे घटा कर 20 फीसदी कर दिया गया है. सरकार ने इससे पहले जून में भी अमेरिका को छोड़ कर अन्य किसी भी देश से दालों के आयात पर ड्यूटी घट कर दस फीसदी कर दी थी. अमेरिका से आने वाली दालों के मामले में ड्यूटी 50 से घटा कर 30 फीसदी की गई थी.

दालों का सबसे बड़ा आयातक है भारत 

भारत दालों का सबसे बड़ा उपभोक्ता और आयातक देश है. लेकिन लॉकडाउन के बाद यहां दालों के दम तेजी से बढ़ रहे हैं. अब तक सभी तरह की दालों के दाम लगभग 30 फीसदी बढ़ गए हैं. पिछले साल की इस अवधि से तुलना करें तो दालों की कीमत में 20 से 30 फीसदी का इजाफा हो चुका है.  दिल्ली-एनसीआर मार्केट में खुदरा दुकानदार दालों के कम उत्पादन का हवाला देकर कीमतें बढ़ा रहे हैं. पिछले कुछ वक्त से दालों की प्रति किलो कीमत 15 से 20 रुपये तक बढ़ चुकी है. पिछले साल इस अवधि में चना दाल की कीमत 70-80 रुपये प्रति किलो थी लेकिन इस बार यह 100 रुपये से अधिक तक पहुंच चुकी है. अरहर दाल 100 रुपये प्रति किलो बिक रही है.

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