दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे बेबस मां-बाप, कहा- या तो आगे घर जाएंगे या यहीं मर जाएंगे

दिल्ली के गाजीपुर इलाके में बड़ी संख्या में मजदूर अभी भी बैठे हुए हैं. इन्हें समझ नहीं आ रहा कि अब यह क्या करें.


नई दिल्ली: एक तरफ दिल्ली सरकार कह रही है कि लोगों को घर भेजने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन जो हालात इन मजदूरों के हैं उसमें यह कैसे अपना रजिस्ट्रेशन कराएंगे यह भी अपने आप में सवाल है.दिल्ली के गाजीपुर इलाके में बड़ी संख्या में मजदूर अभी भी बैठे हुए हैं. इन्हें समझ नहीं आ रहा कि अब यह क्या करें, क्योंकि ये न वापस जा सकते हैं और उत्तर प्रदेश सरकार इनको आगे पैदल जाने नहीं दे रही. नरेला से सत्येंद्र अपने भाई विजय और परिवार के साथ उत्तर प्रदेश के सीतापुर जाने के लिए निकले थे. उनके गोदी में 4 छोटे-छोटे बच्चे हैं.

मासूम बच्चों को नहीं पता कि किस तकलीफ में परिवार है. वह तो मिट्टी में खेल रहे हैं मिट्टी का खिलौना बना रहे हैं. वही पास बैठे बेबस मां-बाप यहीं कह रहे है की अब तो आगे अपने गांव ही जाएंगे. चाहे हमारे प्राण यही निकल जाए.

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