दिल्ली में इस वर्ष छठ महापर्व की पूजा घरों में ही करनी होगी। दिल्ली सरकार ने कोरोना महामारी के राजधानी में कहर को देखते हुए फैसला लिया है। गुरुवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली सरकार ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए घाटों पर सामुदायिक छठ पूजा उत्सव पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
आदेश के अनुसार,“सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस के डीडीसी और सभी संबंधित अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि राष्ट्रीय राजधानी में नवंबर के सार्वजनिक स्थानों/नदी के किनारों/मंदिरों आदि में छठ पूजा न हो।” दिल्ली में प्रदूषण की वजह से पटाखों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध है।
Delhi govt has decided to ban community Chhath Puja celebrations at Ghats to contain the spread of #COVID19: Satyendar Jain, Delhi Health Minister pic.twitter.com/rkhIiAASCY
— ANI (@ANI) November 12, 2020
बता दें कि चार दिनों तक चलने वाली छठ पूजा को बिहार, पूर्वी यूपी और झारखंड के लाखों लोग धूमधाम से मनाते हैं। छठ महापर्व 18 नवंबर से शुरू हो रहा है। दिल्ली में बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग हर्षोल्लास के साथ छठ पर्व मनाते हैं। छठ महापर्व की शुरुआत 18 नवंबर को नहाय खाय से होगी। इसके बाद 19 नवंबर खरना, 20 नवंबर शाम का अर्घ्य और 21 नवंबर उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ यह संपन्न होगा। इस दौरान नदी, तालाबों इत्यादि पर सूर्य देवता की पूजा की जाती है।
दिल्ली में 11 नवंबर को 16 जून के बाद कोरोना वायरस ने सर्वाधिक 85 मरीजों की जान ले ली है। कोरोना ने 16 जून को 93 मरीजों की मौत हुई थी। राजधानी में कल 7830 वायरस के रिकॉर्ड नए मरीज आए थे। इसके अलावा आदेश में कोविड-19 से निपटने के लिए जारी दिशानिर्देशों के पालन को लेकर लोगों को जागरुक करने का भी निर्देश दिया गया है।







