Edited By Shashank Jha | पीटीआई | Updated:

हाइलाइट्स

  • राजधानी दिल्ली और NCR में सीएनजी गैस की कीमत बढ़ी
  • दिल्ली में सीएनजी गैस की कीमत बढ़कर 43 रुपये प्रति किलोग्राम
  • 2 जून की सुबह से लागू होगी नई कीमत, PNG की कीमत में बदलाव नहीं
  • नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी खुदरा मूल्य को 47.75 रुपये

नई दिल्ली

रसोई गैस महंगी होने के बाद राजधानी दिल्ली में CNG गैस की कीमत भी बढ़ गई है। सीएनजी गैस अब एक रुपये महंगी मिलेगी। अब दिल्ली में एक किलो सीएनजी की कीमत बढ़कर 43 रुपये हो गई। नई कीमत 2 जून से लागू होगी। पीएनजी गैस की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अप्रैल महीने में डिमांड में आई भारी गिरावट के कारण सीएनजी 3.2 रुपये प्रति किलोग्राम और पीएनजी 1.55 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ता हुआ था।

एक किलो सीएनजी की कीमत 43 रुपये

यह वृद्धि गैस स्टेशनों को कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सुरक्षित बनाने के अतिरिक्त खर्च को लेकर है। वाहनों के लिये CNG और रसोइयों में पाइप से प्राकृतिक गैस (PNG) की आपूर्ति करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने सोमवार को ट्वीट के माध्यम से बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सीएनजी की कीमत 42 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 43 रुपये किलोग्राम कर दी गई।

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नोएडा और गाजियाबाद में भी महंगी हुई CNG

कंपनी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी खुदरा मूल्य को 47.75 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 48.75 रुपये प्रति किलोग्राम किया जा रहा है। हरियाणा के करनाल जिले में सीएनजी की दर 50.85 रुपये प्रति किलोग्राम और रेवाड़ी में 55.1 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।’

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LPG सिलिंडर भी महंगा हुआ

इससे पहले आज LPG सिलिंडर महंगा हो गया था। दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर 11.50 रुपये महंगा होकर अब 593 रुपये में मिलेगा। कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लागू हो गया है। पिछले महीने जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमत घटी थी, तब घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में उल्लेखनीय कमी हुई थी। दिल्ली में तब रसोई गैस प्रति सिलेंडर रिफिल की कीमत 744 रुपये से घटाकर 581.50 रुपये कर दिए गए थे।



फिलहाल मांग में तेजी नहीं


पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि 25 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन लागू किया गया था। उसके बाद पेट्रोलियम की डिमांड में 90 फीसदी तक की गिरावट आ गई थी। चौथे चरण के लॉकडाउन से आंशिक राहत मिली और एक जून से अनलॉक-1 की शुरुआत हुई है। फिलहाल मांग में उतनी तेजी नहीं है।



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