कोरोना महामारी दुनियाभर में न केवल लोगों की जिंदगी पर बड़ा संकट बन रही है बल्कि बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को भी बीमार कर आईसीयू में डाल रही है। दुनिया में सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था में  शुमार भारत को भी इसने दबोच लिया है। केंद्र सरकार की ओर से सोमवार को जारी सरकारी आंकड़े के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में अथर्व्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की अब तक की सबसे बड़ी तिमाही गिरावट आई है। अप्रैल-जून तिमाही में भारती की जीडीपी ग्रोथ 40 साल में पहली निगेटिव हुई है।

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वहीं ट्विटर पर आईएमएफ़ की अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने ट्वीट कर बताया मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी जी-20 देशों की अर्थव्यवस्था पर कोरोना का असर देखा जा रहा है। जी-20 देशों की इकनॉमी की ग्रोथ निगेटिव जोन में बनी रह सकती है। भारत की जीडीपी 25.6 फीसदी तक निगेटिव रहने की आशंका है।

तीसरी तिमाही में सुधार आने की उम्मीद

गीता ने यह भी लिखा है कि ये आंकड़े तिमाही दर तिमाही आधार के हैं, इनकी तुलना किसी साल से नहीं की जानी है। उन्होंने कहा कि साल 2020 की तीसरी तिमाही में जी-20 देशों की जीडीपी में सुधार आने की उम्मीद है। इस साल की पहली तिमाही में कमजोरी देखने के बाद चीन की जीडीपी दूसरी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।





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