Edited By Shefali Srivastava | भाषा | Updated:
नई दिल्ली
भारत में कोरोना मरीजों के लगातार बढ़ रहे मरीजों की बड़ी वजह क्लोज कॉन्टैक्ट है। आईसीएमआर का दावा है कि करीबी संपर्क में आने से कोरोना वायरस के प्रसार की दर काफी अधिक होती है। ऐसे में फिजिकल डिस्टेंसिंग, पर्सनल हेल्थ और इंफेक्शन कंट्रोल जैसे कदम महामारी के प्रसार को रोकने के लिए जरूरी हैं। बता दें कि पिछले 24 घंटे में देश में 7 हजार मामले सामने आए हैं, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।
अध्ययन में इटैलियन पर्यटकों में SARS-CoV-2 संक्रमण के पहले क्लस्टर में सामने आए तथ्यों को साझा करते हुए आईसीएमआर ने यह भी कहा कि लक्षण न दिखने वाले मामलों में संक्रमित के करीबी संपर्कों की जांच अहम है। आईसीएमआर ने इस बात पर जोर दिया कि महामारी के कम्युनिटी ट्रांसमिशन को रोकने के लिए करीबी संपर्कों का पता लगाकर उन्हें आइसोलेट रखने के लिए काफी अहम है।
मार्च-अप्रैल में 16 इटैलियन पर्यटकों और एक भारतीय में SARS-CoV-2 संक्रमण के क्लस्टर की विस्तृत जांच की गई थी। आईसीएमआर की संबंधित अध्ययन रिपोर्ट इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (IJMR) में ऑनलाइन प्रकाशित हुई। इटली के 23 पर्यटकों का एक समूह 21 फरवरी को तीन भारतीयों के साथ नई दिल्ली पहुंचा था। ये लोग राजस्थान में कई पर्यटन स्थलों पर गए।
समूह में शामिल 69 वर्षीय एक इटैलियन शख्स को 29 फरवरी को जयपुर स्थित सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उसे बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण थे। जांच में वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। उसकी 70 वर्षीय पत्नी को बीमारी का कोई लक्षण नहीं था, लेकिन जांच में वह भी संक्रमित पाई गई। पति-पत्नी दोनों को आइसोलेट कर दिया गया।
समूह के शेष 24 सदस्य (21 इटैलियन और तीन भारतीय) दो मार्च को एक ही ट्रेन बोगी से दिल्ली लौट आए और उन्हें भी आइसोलेट कर दिया गया। शुरू में ये सभी लक्षणमुक्त थे। तीन मार्च को उनके गले और नाक से नमूने लेकर जांच की गई जिनमें से 15 (14 इटैलियन और एक भारतीय) लोग कोरोना वायरस से संक्रमित मिले। इन लोगों को पृथक-वास में रखा गया। इस तरह तीन मार्च तक 26 लोगों में से 17 कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए और संक्रमण की यह दर 65.4 प्रतिशत थी।
इन 17 रोगियों में से नौ लक्षणयुक्त थे और आठ में कोई लक्षण नहीं था। लक्षण वाले नौ लोगों में से छह को हल्का बुखार था, एक की हालत गंभीर थी और दो बुरी तरह बीमार थे। देश की शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान इकाई ने कहा, ‘कोविड-19 की पुष्टि के दिन और आरटी-पीसीआर नेगेटिविटी के बीच औसत अवधि 18 दिन (रेंज-12-23 दिन) की थी। मामलों की 11.8 प्रतिशत मृत्यु दर के साथ दो लोगों की मौत हो गई।’







