धनबाद के जज उत्तम आनंद की मौत की जांच के लिए सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया है। झारखंड सरकार की अपील के बाद केंद्र सरकार ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। जज उत्तम आनंद की संदिग्ध परिस्थितियों में 28 जुलाई को ऑटो की टक्कर से मौत हो गई थी। घटना के समय जज मार्निंग वाक कर घर लौट रहे थे। जिन परिस्थितियों में मौत हुई उससे इसकी जांच की मांग उठी थी। अभी तक मामले की जांच झारखंड पुलिस की विशेष टीम कर रही थी। मंगलवार को ही मामले पर हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई थी। हाईकोर्ट ने सीबीआई को जल्द मामले की जांच शुरू करने को कहा था। 

इससे पहले एसआईटी की ओर से हाईकोर्ट में जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश की गयी। रिपोर्ट से अदालत संतुष्ट नहीं हुई। अदालत ने कहा कि घटना सुबह 5.08 बजे हुई तो प्राथमिकी में विलंब क्यों किया गया। क्यों प्राथमिकी 12.45 बजे दर्ज की गयी। जबकि सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट है कि जज को उठाकर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। क्या पुलिस सिर्फ फर्द बयान के आधार पर ही प्राथमिकी दर्ज करती है। क्या पुलिस खुद प्राथमिकी दर्ज नहीं करती। आखिर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने में छह घंटे क्यों लग गए। 

सुनवाई के दौरान अदालत ने महाधिवक्ता राजीव रंजन से पूछा कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। क्या यह सही है। इस पर महाधिवक्ता ने बताया कि  मामले के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। अंतरराज्यीय मामलों से जुड़े अपराध की जांच के लिए सीबीआई फिट एजेंसी है। इसलिए सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। 

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार की सिफारिश का पत्र सीबीआई को एक दिन पहले ही मिला है। चार अगस्त को केंद्रीय एजेंसी जांच की अधिसूचना जारी कर देगी। इस पर कोर्ट ने कहा कि अधिसूचना जारी होने के बाद सीबीआई को तत्काल प्राथमिकी दर्ज करना चाहिए। अदालत ने सरकार को केस के सभी दस्तावेज और अन्य लॉजिस्टिक सपोर्ट सीबीआई को करने का निर्देश दिया था।

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