प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर हुए हिंसक प्रदर्शन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख, देश बहुत दुखी हुआ | साथ ही उन्होंने कल सर्वदलीय बैठक में कहा था कि किसान आंदोलन का हल सिर्फ बातचीत के जरिए निकल सकता है। उन्होंने यह भा कहा था कि सरकार किसानों को दिए गए प्रस्तावों पर आज भी कायम है। उनके बयान पर किसान नेता नरेश टिकैत ने प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो कहा, हम उसका सम्मान करते हैं। उनकी गरिमा की रक्षा की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हम किसी को तिरंगे का अपमान नहीं करने देंगे, इसे हमेशा ऊंचा रखेंगे।
There won’t be any agreement under pressure. We will hold discussions on the issue, Prime Minister is ours also, we are thankful for his initiative, we will respect it. We want our people to be released: Bharatiya Kisan Union leader Rakesh Tikait https://t.co/K4oi2VcQnW pic.twitter.com/pyfSHpfH5X
— ANI (@ANI) January 31, 2021
इसके साथ-साथ उन्होंने सरकार से अपने लोगों को रिहा करने की अपील करते हुए वार्ता के लिए मंच तैयार करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि बीच का कोई रास्ता निकलेगा। किसान नेता नरेश टिकैत ने कहा कि हम नहीं चाहते कि सरकार या संसद हमारे आगे झुके, लेकिन वह किसानों के आत्म-सम्मान की भी रक्षा करे।
नरेश टिकैत ने 26 जनवरी को हुई हिंसा को षड्यंत्र बताया। साथ ही इसकी समग्र जांच करने की बात कही।







