अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद से दुनिया भर में इसका विरोध हो रहा है। इस बीच क्रिकेट जगत से भी तमाम दिग्गज क्रिकेटरों ने नस्लवाद के खिलाफ आवाज उठाई है। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफरा आर्चर ने अमेरिका में पुलिस हिरासत में हुए फ्लॉयड की मौत के बाद नस्लीय दुर्व्यवहार के पीड़ित लोगों से बात करने का आग्रह किया है। अमेरिका के मिनोपोलिस शहर में एक श्वेत पुलिस अधिकारी ने 25 मई को लगभग नौ मिनट तक 46 वर्षीय जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन को अपने घुटनों से दबा रखी थी, जिसके बाद फ्लॉयड की मौत हो गई थी।
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इस घटना के बाद दुनिया भर में आक्रोश और विरोध शुरू हो गया था। जोफरा आर्चर भी नस्लीय दुर्व्यवहार का शिकार हो चुके हैं, उन्होंने डेली मेल के लिए लिखे गए कॉलम में लिखा, ‘मुझे बहुत खुशी है कि ब्लैक लाइव्स मैटर कैंपेन (अश्वेत लोगों की जिंदगी के भी मायने हैं) इस तरह सामने आया है।’ आर्चर खुद न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले साल नवंबर में खेले गए मैच के दौरान नस्लीय टिप्पणी का शिकार हुए थे। हालांकि, न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने उस फैन को बैन कर दिया था।
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‘कोई भी बात बोतलबंद नहीं रखनी चाहिए’
आर्चर ने कहा, ‘एक व्यक्ति के रूप में, मैं हमेशा बोलने के समर्थन में रहा हूं, खासकर अगर कोई आपको परेशान करता है। मेरा व्यक्तिगत विचार है कि आपको कभी भी चीजों को बोतलबंद नहीं रखना चाहिए क्योंकि नस्लवाद ठीक नहीं है।’ आर्चर पिछले साल जुलाई में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए विश्व कप फाइनल जीत में इंग्लैंड की टीम का हिस्सा थे। उन्होंने आगे कहा, ‘हम सभी एक देश में रहते हैं और आप अंग्रेज हैं, तो आपको किसी और की तरह खेलने का उतना ही अधिकार है। मेरी एक तस्वीर थी, जिसमें मैं, जोस बटलर और आदिल राशिद 2019 विश्व कप के फाइनल के दौरान जश्न मनाते हुए दिख रहे हैं। इस तस्वीर ने आपको हमारी टीम के बारे में जानने के लिए सब कुछ बता दिया होगा।’







