आम लोगों के बीच बैंक सावधि जमा (एफडी) सुरक्षित निवेश के साथ नियमित आय का सबसे बेहतरीन जरिया रहा है। लेकिन, कोरोना संकट ने एफडी निवेशकों का पूरा गणित ही बिगाड़ दिया है। छोटी अवधि की बैंक एफडी पर ब्याज दरें अब बचत खातें की ब्याज दरों के आसपास पहुंच गई हैं। कई मामलों में ये कुछ बैंकों के बचत खातों की दरों से भी कम हैं। इस वजह से अब ग्राहक अपने पैसों को बचत खाते या एफडी में रखने की बजाय कहीं और निवेश कर सकते हैं।
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कोरोना संकट के बीच रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में बड़ी कटौती की है। इसकी वजह से बैंक कर्ज और जमा दरों में भारी कटौती कर रहे हैं। निवेशकों के पास क्या है विकल्प वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में एफडी पर ब्याज दर घट रही हैं। यह आने वाले समय में और गिर सकती है। ऐसे में निवेशक, पीपीएफ, आरडी, सुकन्या समृद्धि, ईएलएसएस, म्यूचुअल फंड आदि का रुख कर सकते हैं।
| बैंक | बचत खाते पर ब्याज% | एफडी 7 दिन ब्याज% | एफडी 80 दिन ब्याज% | एफडी 1 साल ब्याज% |
| एचडीएफसी बैंक | 3.25 | 3 | 5 | 5.6 |
| कोटक बैंक | 3.5 | 3 | 4.8 | 5.25 |
| पीएनबी | 3.5 | 3.25 | 4.5 | 5.5 |
| आईसीआईसीआई | 3 | 3.25 | 4.25 | 5.5 |
नकारात्मक रिटर्न से इस तरह आपको नुकसान
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अभी एफडी पर जो रिटर्न मिल रहा है वह महंगाई के मुकाबले कम है। इसके चलते निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही एफडी से प्राप्त राशि भी कर योग्य होती है। ऐसे में वह समझदारी से निवेश कर न सिर्फ अच्छी कमाई कर सकते हैं बल्कि नुकसान से भी बच सकते हैं। से निवेश कर न सिर्फ अच्छी कमाई कर सकते हैं बल्कि नुकसान से भी बच सकते हैं।







