मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि विशेष अभियान चलाकर शराब की आपूर्ति और वितरण चेन को ध्वस्त करें। शराब के धंधे में लिप्त बड़े लोगों की गिरफ्तारी करें। असली धंधेबाज को पकड़ने में सख्ती दिखाएं। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में मद्य निषेध से संबंधित समीक्षा बैठक की और कई निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि उत्पाद एवं मद्य निषेध की सेंट्रल कमांड टीम पूरी मुस्तैदी से काम करे। शराब की तस्करी वाले मार्गों को चिह्नित कर उस पर विशेष निगरानी रखें। बॉर्डर एरिया पर भी विशेष नजर रखें। प्रोहिबिशन कॉल सेंटर में आने वाली सूचनाओं के आधार पर तेजी से दोषियों की गिरफ्तारी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के पूर्व जो शराब के व्यवसाय से जुड़े थे, अब वे किस कार्य में लगे हैं, उन पर विशेष नजर रखें। कहा कि राज्य की अधिकतर जनता शराबबंदी के पक्ष में है। कोरोना काल में भी चिकित्सकों ने शराब न पीने की सलाह दी है। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि शराब पीने वालों पर कोरोना वैक्सीन का असर कम हो जाता है।

मुख्यमंत्री के समक्ष पुलिस महानिरीक्षक, मद्य निषेध अमृत राज ने मद्य निषेध से संबंधित एक प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव गृह आमिर सुबहानी, डीजीपी एसके सिंघल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, अनुपम कुमार, आयुक्त उत्पाद बी कार्तिकेय धनजी, पुलिस महानिरीक्षक, विशेष सचिव गृह विकास वैभव, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे।



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