पंजाब सरकार ने वरिष्ठ वकील दीपेंद्र सिंह पटवालिया को नया एडवोकेट जनरल नियुक्त किया है। चरणजीत सिंह चन्नी के सीएम बनने के बाद एडवोकेट जनरल के पद को लेकर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद शुक्रवार को पंजाब सरकार ने डीएस पटवालिया को नया एडवोकेट जनरल नियुक्त करने का आदेश जारी किया। कहा जा रहा है कि एडवोकेट जनरल पद के लिए डीएस पटवालिया पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू के भी पहले पसंद थे। डीएस पटवालिया को सिद्धू को पहले भी एडवोकेट जनरल बनाना चाहते थे। हालांकि, इस रेस में अनमोल रत्न सिद्धू, संजय कौशल और अनु चतरथ का नाम भी आगे चल रहा था। लेकिन अब इस पद के लिए डीएस पटवालिया के नाम पर मुहर लग चुका है।
एक खास बात यह भी है कि चन्नी सरकार में एडवोकेट जनरल की यह दूसरी नियुक्ति है। इससे पहले एपीएस देओल को राज्य का एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया था। लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू लगातार एपीएस देओल को हटाने की मांग कर रहे थे। इसके बाद सिद्धू की मांग के आगे झुकते हुए चन्नी सरकार ने 9 नवंबर को एपीएस देओल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था। सिद्धू ने कहा था कि जब तक एपीएस देओल का इस्तीफा नहीं हो जाता तब तक वो कार्यालय में जा कर काम नहीं संभालेंगे।
अब डीएस पटवालिया राज्य के 32वें एडवोकेट जनरल होंगे। बता दें कि पंजाब के एडवोकेट जनरल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल होता है और उन्हें कैबिनेट मंत्री की सुविधाएं मिलती हैं। डीएस पटवालिया सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज कुलदीप सिंह के बेटे हैं। डीएस पटवालिया ने पंजाब यूनिवर्सिटी से 1998 में एलएलबी की थी। वे सिविल, क्रिमिनल,एजुकेशन व सर्विस ला के विशेषज्ञ हैं।







