चीन के बने सामान भारतीय बाजार में उपलब्ध हैं और कई लोग इसका इस्तेमाल भी करते हैं। लेकिन भारत की सीमा पर चीन के बने ड्रोनों के नजर आने के बाद चिंता बढ़ गई है। दरअसल सीमा सुरक्षा बल ने कहा है कि चीन में बने छोटे ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा पर धड़ल्ले से ड्रोन सप्लाई की जा रही है। बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल, पंकज कुमार सिंह ने मंगलवार को कहा कि सीमा पर पंजाब और जम्मू क्षेत्र में उड़ रहे चीन के बने ड्रोन नारकोटिक्स की सप्लाई कर रहे हैं।
डीजी ने बताया की 95 फीसदी केसों में यह ड्रोन चाइनीज मिले हैं। बीएसएफ प्रमुख ने कहा कि पश्चिमी भारत में पाकिस्तान से सटे सीमा के पास कम से कम इस साल 67 ड्रोन देखे गए हैं। उन्होंने कहा, ‘अभी कम संख्या में ड्रोन हमारे देश के अंदर प्रवेश कर रहे हैं…लेकिन इनमें से ज्यादातर चीन में बने ड्रोन हैं। वो बहुत अच्छे हैं और 95 फीसदी केसों में इनका इस्तेमाल ड्रग्स ढोने में किया जा रहा है।’
डीजी सिंह ने कहा, हमने कुछ एंटी-ड्रोन सिस्टम बॉर्डर के पास इंस्टॉल किये हैं। यह सभी अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन हम बेहतर तकनीक के लिए ज्यादा से ज्यादा काम कर रहे हैं। ये सिस्टम सीमा पर जरुरी स्थानों पर पहले लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया, ‘पूरी दुनिया में ऐसा कोई सिस्टम नहीं जिससे कि हम उन्हें डी-एक्टिव, इंटरसेप्ट कर सकें। हम एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी हासिल करने की प्रक्रिया में हैं। मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी हासिल करना हमारी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सेना सीमा पर पाकिस्तान के रास्ते ड्रोन के जरिए हथियार या अन्य सामान गिराए जाने को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि हम इसे लेकर खुफिया एजेंसी और राज्य पुलिस के भी संपर्क में हैं। सेना इस बात पर नजर रखती है कि सामान कहां गिराए जा रहे हैं और कौन इसे रिसीव कर रहा है।







