पटना की सड़कों पर, जहां एक बच्चा घोड़ा दौड़ाता दिखा. पूछने पर बताया कि उसके पास तीन चार घोड़े हैं. बाद में समझाने के बाद वह अपने घर की ओर निकल गया.

पटनाः कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन लागू है. इमरजेंसी सर्विसेज से जुड़े लोगों को छोड़ कर सरकार ने सभी से घर में रहने की अपील की है. लेकिन शनिवार को राजधानी पटना के बेली रोड पर अलग ही नजारा दिखा. शाम को जरूरी सेवाओं से जुड़े गाड़ियों के बीच सड़क पर एक बच्चा 60 की स्पीड से सरपट घोड़ा दौड़ाता हुआ दिखा.

सैफ से जब पूछा गया कि वह कहां से आया है और इस तरह मेन रोड पर घोड़ा क्यों दौड़ा रहा है तो उसने जवाब दिया कि वह दानापुर से घोड़े को घूमाने के लिए निकला है. वहीं लॉकडाउन होने के बाद जब से काम बंद है, तो वो अक्सर इसी तरह घोड़े पर सवार होकर दूर-दूर सफर करता है. उसके पास तीन-चार घोड़े हैं, जिन्हें वो शादी-विवाह में भाड़े पर लगाता है. बता दें कि दानापुर से बेली रोड की दूरी 20 किलोमीटर है.

कोरोना संकट के दौरान बिना मास्क लगाए घोड़े घूमा रहे बच्चे से जब यह पूछा गया कि कोरोना क्या है और उससे डर लगता है कि नहीं, तब वह असहज हो गया और गमछा जो अब तक उसने अपने सर पर बांधा हुआ था, उससे मुंह ढंकने लगा और बताया कि कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनना और घर में रहना जरूरी है. समझाने पर वह अपने घर के लिए निकल गया. सैफ ने बताया कि उसके पिता का नाम सुद्दु और मां का नाम हमीदा है और उसने पढ़ाई छोड़ दी है. अब वह केवल घोड़ा हांकता है.

वहीं पटना के बेली रोड पर चलती कार के सन रूफ से सिर निकाल कर दो मासूम हवा से बात कर रहे हैं. लॉकडाउन ने इन बच्चों के बचपने को प्रभावित किया है. खेलने से लेकर आइसक्रीम तक के लिए तरस गए थे ऐसे में जैसे ही मौका मिला कार से सिर निकाल कर हवा के तेज झौंके का मज़ा लेने लग गए.

बात केवल बच्चे की ही नहीं है. कई ऐसे लोग हैं जो कोरोना काल में बेवजह सड़क पर मटरगश्ती करने निकलते हैं. उन्हें यह समझने की जरूरत है कि मौजूदा स्थिति काफी गंभीर है और इससे खिलवाड़ करके वो खुद तो खतरे में पड़ ही सकते हैं, दूसरों के लिए भी खतरा बन सकते हैं.

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