परिसीमन आयोग की कार्यवाही से दूर रहने की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के अपने फैसले की घोषणा करने के कुछ ही घंटों बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन के एक मामले में पूछताछ के लिए पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की मां को 14 जुलाई को तलब किया है। महबूबा ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर नोटिस साझा किया है, जिसके मुताबिक उनकी मां गुलशन नजीर को केंद्रीय जांच एजेंसी के श्रीनगर स्थित कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज आपराधिक मामला ईडी द्वारा महबूबा के एक कथित सहयोगी के परिसर में मारे गये छापे में बरामद हुई दो डायरी से संबद्धित है। महबूबा ने हैरानी जताई है कि उनकी मां को नोटिस ऐसे दिन जारी किया गया ,जब पीडीपी ने परिसीमन आयोग से नहीं मिलने का फैसला किया है। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने ईडी के समन को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा, ”ईडी ने मेरी मां को अज्ञात आरोपों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए तलब किया है। राजनीतिक विरोधियों को डराने की कोशिश के तहत भारत सरकार वरिष्ठ नागरिकों तक को नहीं बख्श रही है। एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) और ईडी जैसी एजेंसियां अब बदला लेने का औजार बन गई हैं। पार्टी ने परिसीमन आयोग के पास संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार नहीं होने का दावा करते हुए उससे नहीं मिलने का फैसला किया, जिसके कुछ ही घंटे बाद यह नोटिस जारी किया गया। 

बता दें कि परिसीमन आयोग के दौरे को लेकर पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने एक पत्र जारी किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि पीडीपी परिसीमन आयोग को यह पत्र भेज रही है। लोगों की पीड़ा को कम करने के लिए कोई आधारभूत कार्य नहीं किया गया है। राजनीतिक गतिविधि के लिए कोई विश्वसनीय कदम नहीं उठाए गए हैं। जिसको देखते हुए परिसीमन आयोग की बैठक में पीडीपी शामिल नहीं होगी। पीडीपी महासचिव जीएन हंजुरा द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों को ठेस पहुंचाने के लिए परिसीमन आयोग के अभ्यास को पूर्व नियोजित होने का आरोप लगाया गया है।
 



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