पंजाब नेशनल बैंक मामले में आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की वकील ने भारत को उसका प्रत्यर्पण रोकने के लिए जूलियन असांजे का उदाहरण दिया। वकील ने कहा कि ब्रिटिश अदालत ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे के आधार पर विकीलीक्स के संस्थापक का अमेरिका को प्रत्यर्पण रोक दिया है। नीरव अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई में दो दिन तक चलने वाली अंतिम दलीलों के लिए गुरुवार को वीडियो लिंक के जरिए अदालत के समक्ष पेश हुआ।
जिला न्यायाधीश ने असांजे के मामले में कहा था कि आरोपी अपनी मानसिक स्थिति के चलते प्रत्यर्पण किए जाने पर आत्महत्या कर सकता है। नीरव की वकील क्लेयर मोंटगोमरी ने कहा कि असांजे की तरह ही उसके मुवक्किल का मामला है और मार्च 2019 से ही उसकी मानसिक स्थिति खराब होती जा रही है। भारत की ओर से पैरवी कर रही क्राउन प्रोसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कार्यवाही को स्थगित करने का आग्रह करते हुए कहा कि उसकी मानसिक स्थिति का किसी स्वतंत्र मनोचिकित्सक से आकलन कराया जाए।
जेल में बंद है नीरव मोदी:
नीरव मोदी फिलहाल लंदन की जेल में बंद है। उसे साल 2019 में गिरफ्तार किया गया था। उसकी अब तक 2348 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा भारत सरकार उसे प्रत्यर्पण के जरिये भारत लाने के लिए भी प्रयासरत है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 14 हजार करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले की जांच कर रही है। वर्ष 2018 में दर्ज पीएनबी धन शोधन मामले में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी समेत अन्य के खिलाफ जांच जारी है।
पीएनबी घोटाला: नीरव मोदी की बहन-बहनोई बने सरकारी गवाह
दूसरी ओर, पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) घोटाला मामले में भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी और उनके पति मयंक मेहता सरकारी गवाह बन गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने कहा कि ये दोनों धोखाधड़ी मामले में आरोपी नीरव मोदी की संपत्ति जब्त करने में मदद करेंगे। नीरव के न्यूयॉर्क, लंदन और मुंबई स्थित सभी फ्लैट, उसके दो स्विस बैंक खातों और मुंबई के बैंक खातों में बची रकम को जब्त करने में दोनों सरकार की मदद करेंगे जिसका कुल मूल्य करीब 579 करोड़ रुपए है।







