कोरोना महामरी और लॉकडाउन की वजह से अपनी रोजी-रोटी गंवाकर गांव लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकार उनके खाते में 2000 रुपए डाल सकती है, अगर वो पीएम किसान सम्मान निधि के तहत रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने न्यूज चैनल नयूज 18 से बातचीत में कहा कि शर्तें पूरी करने वाला मजदूर रजिस्ट्रेशन करवाए, सरकार पैसा देने का तैयार है। ऐसे में अगर शहर से गांव आने वाले लोग इसके तहत रजिस्ट्रेशन करवाते हैं तो उन्हें लाभ मिल सकता है
ये हैं शर्ते
खेती की जमीन के कागजात के अलावा पीएम किसान स्कीम का लाभ लेने के लिए बैंक अकाउंट नंबर और आधार नंबर होना जरूरी है।
कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन
रजिस्ट्रेशन के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं। आप खुद स्कीम की वेबसाइट पर जाकर इसके फार्मर कॉर्नर (https://pmkisan.gov.in/RegistrationForm.aspx) के जरिए आवेदन किया जा सकता है। अगर किसी का नाम खेती के कागजात में है तो उसके आधार पर वो अलग से लाभ ले सकता है, भले ही वो संयुक्त परिवार का हिस्सा ही क्यों न हो।
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यहां करें संपर्क
- पीएम किसान टोल फ्री नंबर: 18001155266
- पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर:155261
- पीएम किसान लैंडलाइन नंबर्स: 011—23381092, 23382401
- पीएम किसान की एक और हेल्पलाइन है: 0120-6025109
- ई-मेल आईडी: pmkisan-ict@gov.in
इन लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
केंद्र या राज्य सरकार में अधिकारी एवं 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को लाभ नहीं मिलेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स का भुगतान करने वाले किसान भी इसके लाभ से वंचित होंगे। डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, वर्तमान या पूर्व मंत्री, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, एमएलसी, लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों को स्कीम से बाहर रखा गया है।







