आर्मी प्रमुख एमएम नरवणे आज दो दिवसीय दौरे पर लद्दाख पहुंचे। यहां उन्होंने लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र का दौरा किया। बताया जा रहा है कि सर्दियों के मौसम में बर्फबारी होने के बाद लद्दाख का अधिकांश क्षेत्र बर्फ के कारण देश के शेष हिस्सों से कट जाता है। ऐसे में चीन सीमावर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों की तैनाती कर रहा है। 

एनआई की खबर के मुताबिक, भारत-चीन सीमा पर तैनात भारतीय जवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए सेना प्रमुख अपने प्रवास के दौरान उन कठिन इलाकों में जाकर तैनात सैनिकों के साथ बातचीत करेंगे। उनका उत्साह भी बढ़ाएंगे।  उन्होंने राजभवन में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल राधा कृष्ण माथुर से भी मुलाकात की। दोनों के बीच कश्मीर में सुरक्षा हालातों पर विस्तृत चर्चा हुई।

 

सेना प्रमुख नरवणे का लद्दाख दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि चीन सीमावर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों की तैनाती कर रहा है। इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने भी बड़ी संख्या में अपनी तैनाती सुनिश्चित की है। 

पूर्वी लद्दाख वही इलाका है, जहां एक साल पहले भारत-चीन सीमा स्थित गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। 

इससे पहले आज, अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान नरवणे लद्दाख क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा स्थिति और परिचालन की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। वह इलाके में तैनात जवानों से भी बातचीत करेंगे और उनकी हौसला-अफजाई करेंगे। 
 





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