भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी जूलियो रिबेरो ने दिल्ली दंगे की जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए शनिवार को कहा कि पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रही है। रिबेरो ने इस मामले में दिल्ली पुलिस आयुक्त को एक ईमेल किया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि रिबेरो के नाम से पुलिस आयुक्त को एक ईमेल आया जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। 

मुम्बई के पूर्व पुलिस आयुक्त रिबेरो ने दिल्ली पुलिस आयुक्त एस. एन. श्रीवास्तव से दिल्ली दंगों के मामले में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज 753 प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस नफरत फैलाने के लिए भाषण देने वालों के खिलाफ आपराधिक संज्ञान लेने में जानबूझकर विफल रही है जबकि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। 

यह भी पढ़ें- दिल्ली दंगा केस: चार्जशीट में सीताराम येचुरी, योगेन्द्र यादव, जयति घोष जैसे बड़े नाम; साजिश रचने का आरोप

पद्मभूषण से सम्मानित रिबेरो ने कहा भाजपा के नेता कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और परवेश वमार् के खिलाफ कार्रवाई न करना उनके जैसे लोगों के लिए हैरान करने वाला है। दूसरी तरफ धर्म के आधार पर भेदभाव करने का विरोध करने वाली महिलाओं को बहुत अपमानित किया गया और महीनों तक जेल में रखा गया है।

उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकतार् हर्ष मंदर और प्रो. अपूवार्नंद जैसे सच्चे देशभक्तों को आपराधिक मामलों में फंसाने के लिए दिल्ली पुलिस का इतना सूक्ष्म प्रयास चिंतनीय है। हम भारतीय पुलिस सेवा के लोगों से यह उम्मीद है संविधान का सम्मान और कानून की रक्षा जाति, पंथ और राजनीतिक संबद्धता से ऊपर उठकर करें।





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here