पैंडोरा पेपर्स मामले में भारत सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लिया। सीबीडीटी चेयरमैन की अध्यक्षता में विभिन्न जांच एजेंसियों का समूह इस पूरे मामले की जांच करेगा। इस पूरे प्रकरण में भारत की कई बड़ी हस्तियां सवालों के घेरे में है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किये गये बयान में कहा गया है, ‘सरकार ने इस पूरे मसले को अपने संज्ञान में लिया है। संबंधित एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच करेंगी और कानून के हिसाब मामले में कार्रवाई की जाएगी।’
The Government has directed today that, investigations in cases of Pandora Papers leaks will be monitored headed by the Chairman, CBDT, having representatives from CBDT, Enforcement Directorate, Reserve Bank of India & Financial Intelligence Unit: Official spokesperson, CBDT
— ANI (@ANI) October 4, 2021
क्या है पूरा मामला
दुनिया भर की 14 लाख कंपनियों से मिले लगभग एक करोड़ 20 लाख दस्तावेजों की पड़ताल से भारत सहित 91 देशों एवं क्षेत्रों के सैकड़ों नेताओं, अरबपतियों, मशहूर हस्तियों, धार्मिक नेताओं और नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के गुप्त निवेशों का खुलासा हुआ है।
‘इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स’ ने यह रिपोर्ट जारी की, जो 117 देशों के 150 मीडिया संस्थानों के 600 पत्रकारों की मदद से तैयार की गई। इन मीडिया संस्थानों में बीबीसी, द गार्डियन, द वाशिंगटन पोस्ट, ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन और भारत का द इंडियन एक्सप्रेस शामिल हैं। इस रिपोर्ट को ‘पेंडोरा पेपर्स’ (भानुमति से पिटारे से निकले दस्तावेज) करार दिया जा रहा है, क्योंकि इसने प्रभावशाली एवं भ्रष्ट लोगों के छुपाकर रखे गए धन की जानकारी दी और बताया है कि इन लोगों ने किस तरह हजारों अरब डॉलर की अवैध संपत्ति को छुपाने के लिए विदेश में खातों का इस्तेमाल किया।
सचिन तेंदुलकर सहित इन हस्तियों के नाम भी
पेंडोरा पेपर्सें में सचिन तेंदुलकर, अनिल अंबानी, विनोद अडाणी, नीरा राडिया, सतीश शर्मा, जैकी श्रॉफ, नीरव मोदी और किरण मजूमदार-शॉ समेत 300 भारतीय लोगों के नाम हैं।







