महाराष्ट्र में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस के एक बयान पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने पलटवार किया है। नवाब मलिक ने कहा कि देवेंद्र को डर है कि बीजेपी विधायक उनकी पार्टी न छोड़ दें। सरकार पांच साल पूरा करेगी। हम महा विकास आघाडी के साथ हैं और ऑपरेशन लोटस सफल नहीं होगा।
दरअसल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि राज्य में बीजेपी कोरोना काल में सरकार नहीं पाई तो बाद में बनाएगी। फडणवीस के इसी बयान के बाद से राज्य में नई सरकार के लिए एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार और देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई मुलाकात को लेकर भी अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करने के बाद वे अचानक मंगलवार को धुर विरोधी माने जाने वाले एकनाथ खडसे के घर पहुंच गए। हालांकि, फडणवीस ने एकनाथ की बहू और बीजेपी सांसद रक्षा खडसे से मुलाकात की। एकनाथ के मुंबई में होने की वजह से फडणवीस की मुलाकात नहीं हो सकी। जलगांव में खडसे के आवास पर फडणवीस के दौरे के बाद महाराष्ट्र की सियासत में कई तरह की बातें खड़ी होने लगी हैं।
इस बैठक को लेकर भी शिवसेना ने भी प्रतिक्रिया दी है। भगवा पार्टी के सांसद संजय राउत ने कहा कि शरद पवार ने फडणवीस को अच्छे विपक्षी नेता बनने कीसलाह दी होगी। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए, संजय राउत ने राज्य में किसी भी नए राजनीतिक अंकगणित के उभरने की संभावनाओं को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन लोटस’ के बारे में भूल जाओ। यह यहां नहीं होगा और पश्चिम बंगाल में भी नहीं। हर बैठक में राजनीतिक एंगस क्यों सामने लाया जाए? आपको बता दें कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को शरद पवार से मुलाकात की थी। उन्होंने बाद में इसे शिष्टाचार बैठक करार दिया।







