विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने फरवरी के पहले पांच कारोबारी सत्रों में भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 12,266 करोड़ रुपये का निवेश किया है। आम बजट 2021-22 पेश होने के बाद धारणा सकारात्मक हुई है, जिससे एफपीआई का भारतीय बाजार के प्रति आकर्षण बना हुआ है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एफपीआई ने एक से पांच फरवरी के दौरान शेयरों में शुद्ध रूप से 10,793 करोड़ रुपये का निवेश किया। ऋण या बांड बाजार में उनका निवेश 1,473 करोड़ रुपये रहा। इस तरह उनका शुद्ध निवेश 12,266 करोड़ रुपये रहा।
बजट के बाद बाजार की तेजी से आकर्षित
इससे पिछले महीने एफपीआई ने भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 14,649 करोड़ रुपये डाले थे। कोटक सिक्योरिटीज के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं प्रमुख (बुनियादी शोध) रुस्मिक ओझा ने कहा, ”बजट के बाद बाजार में तेजी आई है, जिससे एफपीआई का प्रवाह बढ़ा है। पूंजीगत व्यय में भारी बढ़ोतरी तथा 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को ऊंचे स्तर पर रखने से अर्थव्यवस्था का पुनरुद्धार तेजी से हो सकेगा। इससे भविष्य में आय में ऊंची वृद्धि होगी।
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ग्रो के सह-संस्थापक हर्ष जैन ने कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए भारत का वृद्धि दर का अनुमान उत्साहवर्धक है। जैन ने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में से है, जो कोरोना वायरस महामारी के प्रतिकूल प्रभाव से दुनिया की अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक तेजी से उबर रहे हैं।







