3 और राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से भारत आ गए हैं। रास्ते में कहीं रुके बिना तीनों लड़ाकू विमानों ने 7 हजार किलोमीटर से अधिक का सफर पूरा किया और रात करीब 9 बजे गुजरात के जामनर पहुंचे। रास्ते में आसमान में ही इनमें यूएई के एयरफोर्स के द्वारा फ्यूल भरा गया। 

इसके साथ ही भारतीय वायुसेना को राफेल विमानों की तीसरी खेप मिल गई है। एयरफोर्स ने सितंबर 2016 में 36 लड़ाकू विमानों के लिए फ्रांस से 59 हजार करोड़ रुपए का सौदा किया था। भारत में अब राफेल विमानों की संख्या 11 हो गई है। तीन राफेल विमानों का दूसरा बैच पिछले साल नवंबर में जामनगर में उतरा था। इसके बाद ये यहां से अंबाला पहुंचे थे। 5 राफेल विमानों का पहला बैच 29 जुलाई को अंबाला एयरबेस पर उतरा था। 

रूसी सुखोई Su-30MKI विमानों के जून 1997 में भारत आने के बाद 23 साल में पहली बार भारत ने विदेशों से लड़ाकू विमानों की खरीद की है। ये लड़ाकू विमान जमीन और समुद्र से वार करने के अलावा परमाणु हमले में सक्षम हैं। ये अपने साथ 10 टन हथियार ले जा सकते हैं।

साल 2021 के आखिर तक भारत में राफेल की पूरी खेप पहुंच जाएगी, जिसके तहत हमें 36 राफेल विमान मिलेंगे। राफेल का एक स्क्वॉड्रन अंबाला में रहेगा, और एक हसीमाड़ा एयरबेस पर। राफेल में तीन तरह की मिसाइलें होंगी। पहली, हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल। दूसरी, हवा से जमीन में मार करने वाल स्कैल्प मिसाइल और तीसरी है हैमर मिसाइल।





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