केंद्रीय बजट 2022-23 पेश किए जाने के दौरान लोकसभा में एक बड़ा ही मजेदार वाक्या देखने को मिला। दरअसल मगलवार को बजट पेश होने के बाद जब लोकसभा स्थगित होने वाली थी तभी पीएम मोदी सांसदों का हाल जानने के लिए उनके पास पहुंचे। इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद उनसे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की शिकायत लेकर पहुंचे।
बातचीत के दौरान टीएमसी सांसद सौगत राय ने प्रधानमंत्री मोदी से पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ की शिकायत करते हुए उन्हें हटाने की मांग कर दी। पीएम से बातचीत के बारे में बताते हुए टीएमसी के वरिष्ठ नेता व सांसद सौगत राय ने बताया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के कामकाज के तौर-तरीके के बारे में पीएम को बताया। उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि एक संवैधानिक पद पर होने के बावजूद राज्यपाल राज्य की चुनी हुई सरकार के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं। मैंने प्रधानमंत्री से राज्यपाल जगदीप धनखड़ को वापस बुलाने (हटाने ) की मांग की।”
पीएम मोदी का दिखा मजाकिया अंदाज
सौगत राय की शिकायत सुनने के बाद हंसते हुए मजाकिया अंदाज में पीएम ने कहा कि ‘पहले आप रिटायर हो जाइए फिर उन्हें (बंगाल के राज्यपाल) बुला लेंगे।’ पीएम का के जवाब पर मुस्कुराते हुए सौगत राय ने उनसे फिर राज्यपाल को हटाना के लिए कहा। लेकिन इस बार भी पीएम ने कहा अपने उसी जवाब को दोहरा दिया। हालांकि इसके साथ ही पीएम मोदी ने उनके स्वास्थ्य के बारे में भी बात की। प्रधानमंत्री ने जिन नेताओं से मुलाकात की उनमें सदन में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय और सौगत रॉय, नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला, द्रमुक के ए राजा और महाराष्ट्र में अमरावती का प्रतिनिधित्व करने वाली निर्दलीय सांसद नवनीत कौर राणा शामिल थीं।
ममता धनखड़ के बीच छिड़ी है ‘जंग’
यह प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के यह कहने के एक दिन बाद आई है कि उन्होंने राज्य के राज्यपाल को उनके “अनैतिक और असंवैधानिक” बयानों के लिए ट्विटर पर “ब्लॉक” कर दिया। हालांकि धनखड़ ने ट्वीट के माध्यम से जवाब दिया और कहा कि संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच संवाद और सद्भाव लोकतंत्र का सार और भावना है और संविधान का जनादेश है। उन्होंने सीएम ममता को व्हाट्सऐप पर भेजे संदेश का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया।







